कोलकाता कांड: ममता सरकार को SC का निर्देश, RG Kar में CISF को उपलब्ध करवाए जरूरी सुविधाएं
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के साथ समन्वय करके कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों के लिए आज शाम (सोमवार) तक आवास और आवश्यक सुरक्षा उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित करे। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्देश जारी किया है।
सीबीआई का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि अस्पताल में सीआईएसएफ की तीन कंपनियां तैनात की गई हैं, लेकिन उनके पास पर्याप्त आवास की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला दोनों ही सुरक्षाकर्मी प्रभावित हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने यह कहते हुए जवाब दिया कि सभी अनुरोधित सुविधाएं प्रदान की गई हैं, और अधिकांश सुरक्षाकर्मी अस्पताल परिसर में ही रह रहे हैं।

राज्य और सीआईएसएफ के बीच समन्वय
अदालत ने राज्य सरकार को तीनों सीआईएसएफ कंपनियों के लिए उचित आवास सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी और सीआईएसएफ के एक शीर्ष अधिकारी को नियुक्त करने का निर्देश दिया। केंद्र की दलीलों से पता चला है कि एक कंपनी को आरजी कर कॉलेज, एक कोलकाता नगर निगम स्कूल और एक को इंदिरा मातृ सदन के आरएमए क्वार्टर में रखा गया है।
व्यवस्था में छह बसें, चार ट्रक और तीन हल्के मोटर वाहन शामिल हैं। पीठ ने राज्य को शाम 5 बजे तक सभी आवश्यकताओं को पूरा करने और रात 9 बजे तक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इस निर्देश का उद्देश्य अस्पताल में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों के सामने आने वाली रसद संबंधी समस्याओं का समाधान करना है।
3 सितंबर को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार CISF को रसद सहायता प्रदान करने में 'अक्षम्य' असहयोग कर रहr है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के भीतर एक सिस्टमेटिक समस्या का लक्षण बताया।
मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को सीआईएसएफ के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश देने के लिए न्यायालय से आदेश मांगा। इसने इस बात पर जोर दिया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा सुनिश्चित करने में उन छात्रावासों की सुरक्षा भी शामिल है, जहां रेजिडेंट डॉक्टर रहते हैं।
सीआईएसएफ कर्मियों के समक्ष चुनौतियां
गृह मंत्रालय के आवेदन में अपर्याप्त आवास और बुनियादी सुरक्षा ढांचे की कमी के कारण सीआईएसएफ कर्मियों के सामने आने वाली गंभीर कठिनाइयों का विवरण दिया गया है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (एसएमपी), कोलकाता से अस्पताल तक की यात्रा में एक घंटे का समय लगता है। इससे आपातकालीन स्थितियों के दौरान प्रभावी कर्तव्य निर्वहन और त्वरित प्रतिक्रिया में बाधा आती है।
गृह मंत्रालय ने पहले 2 सितंबर को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें सीआईएसएफ कर्मियों के लिए पर्याप्त रसद व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का अनुरोध किया गया था। हालांकि, इन अनुरोधों के संबंध में राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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