दिल्ली विद्युत नियामक आयोग का अध्यक्ष मिलकर चुनें उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री: सुप्रीम कोर्ट
Supreme Court ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष का नाम चुनने पर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) और मुख्यमंत्री को एक साथ बैठने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने दिल्ली में प्रशासनिक नियुक्तियों पर कलह से बचने की नसीहत भी दी।
कोर्ट की नसीहत, संवैधानिक पदों के लोग कलह से ऊपर उठें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री संवैधानिक पदाधिकारी हैं। DERC चीफ की अप्वाइंटमेंट के मसले पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि दोनों को कलह से ऊपर उठना होगा।

LG और मुख्यमंत्री मिलकर चुनें DERC प्रमुख
शीर्ष अदालत का कहना है कि दिल्ली के एलजी और मुख्यमंत्री को एक साथ बैठना चाहिए और कोर्ट को डीईआरसी के अध्यक्ष के लिए एक नाम बताना चाहिए। बता दें कि दोनों पक्षों ने भी सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर सहमति भी जताई।
सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर क्या बोले दोनों पक्ष
उपराज्यपाल की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे कोर्ट में पैरवी कर रहे थे, जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। दोनों ने कहा, हम साथ बैठकर DERC प्रमुख का चुनाव कर सकते हैं।
CM और उपराज्यपाल का टकराव नया नहीं
बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और आम आदमी पार्टी (AAP) चीफ अरविंद केजरीवाल का टकराव अक्सर सुर्खियों में रहता है। 'दिल्ली में नौकरशाही पर कंट्रोल' के मुद्दे पर भी दोनों के बीच तनातनी है।












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