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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: SC ने केंद्र सरकार को 'बाल संरक्षण नीति' बनाने के दिए आदेश

By Rahul Kumar
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    नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों के साथ हुए यौनशोषण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि, भारत सरकार से बाल संरक्षण नीति तैयार करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र से भी सवाल पूछा है कि देशभर में आश्रय गृहों में रहने वाले 1575 बच्चों के उत्पीड़न मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की है।

    SC

    इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि, वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (TISS) की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। रिपोर्ट को शेयर करने के निर्देश दिए देने पर बिहार सरकार ने अपनी दलील में कहा कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से आरोपी सतर्क हो जाएंगे। इसीलिए जांच की रिपोर्ट शेयर करना हमारे लिए संभव नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आश्रय गृहों में रहने वाले बच्चों की उत्पीड़न किया जा रहा है कि देखभाल? बिहार सरकार ने इसके साथ यह जानकारी भी दी, कि दिल्ली एम्स समेत तीन संस्थाएं आश्रय गृह में कथित रूप से उत्पीड़न का शिकार हुई लड़कियों की मनोवैज्ञानिक जांच कर रही है।

    गौरतलब है कि मुजफ्परपुर के बालिका गृह में यौऩ शोषण के बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी बालिका गृह में ऐसे ही मामले सामने आए हैं। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में यौन शोषण कांड की सीबीआई जांच हो रही है और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर जेल में बंद है। इस जांच की देखरेख पटना होई कोर्ट कर रहा है।

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    English summary
    Muzaffarpur shelter home case: Supreme Court asks the Union of India to consider framing a child protection policy

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