वकीलों की तेज आवाज से सुप्रीम कोर्ट नाराज, सुनवाई स्थगित
सुनवाई के दौरान सिंघवी व महिला वकील आपस में उलझ गए। दोनों तेज आवाज में बहस कर रहे थे।
नई दिल्ली। वकीलों की तेज आवाज पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से नाराजगी जाहिर की है। यहां तक कि सुनवाई कर रही बेंच ने मामले को फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि बाद में वकील दुहाई देते रहे कि वो फिर ऐसा नहीं करेंगे, लेकिन बेंच का कहना था कि अब सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में की जाएगी।मामला पर्ल एग्रोटेक कॉरपोरेशन लि. की सुनवाई से जुड़ा है। अभिषेक मनु सिंघवी कंपनी की तरफ से पेश हुए जबकि दूसरी तरफ से एक महिला वकील पैरवी कर रही थीं। जस्टिस एके सिकरी व अशोक भूषण की बेंच के समक्ष यह मामला लगा था।

सुनवाई के दौरान सिंघवी व महिला वकील आपस में उलझ गए। दोनों तेज आवाज में बहस कर रहे थे। इस पर जस्टिस सिकरी ने कड़ा संज्ञान लिया। उनका कहना था कि आप लोगों को कई बार कहा गया है कि आवाज संयमित रखें, लेकिन कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। जब एक वरिष्ठ वकील अपनी बात कह रहे हैं तो दूसरे को उनकी बात सुननी चाहिए। उनका कहना था कि तेज आवाज से उन्हें एलर्जी है। ऐसा आचरण किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि इस तरह की हरकतों पर सख्त फैसला लेने की जरूरत है।
आपको बता दें कि इससे पहले सात दिसंबर को चीफ जस्टिस दीपक मिश्र इसी तरह की हरकत से नाराज हुए थे। तब सुनवाई चल रही थी कि क्या पारसी महिला की दूसरे धर्म में शादी के बाद पहचान खत्म हो जाती है। तब सुनवाई संवैधानिक बेंच कर रही थी। खास बात है कि जस्टिस एके सिकरी व अशोक भूषण पांच सदस्यों की उस बेंच का भी हिस्सा थे।












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