सुंजवान आतंकी हमला: बिना हथियार ही आतंकियों से भिड़ गए थे सूबेदार मदन चौधरी
शनिवार को जम्मू के सुंजवान में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में अभी तक सेना का ऑपरेशन जारी है। इस हमले में सूबेदार मदन लाल चौधरी समेत पांच सैनिक शहीद हो गए हैं। जिस समय आतंकियों ने हमला बोला सूबेदार मदन लाल निहत्थे थे और आतंकियों ने उन पर एक के बाद एक कई गोलियां बरसाई।
सुंजवान। शनिवार को जम्मू के सुंजवान में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में अभी तक सेना का ऑपरेशन जारी है। इस हमले में सूबेदार मदन लाल चौधरी समेत पांच सैनिक शहीद हो गए हैं। जिस समय आतंकियों ने हमला बोला सूबेदार मदन लाल निहत्थे थे और आतंकियों ने उन पर एक के बाद एक कई गोलियां बरसाई। इसके बावजूद सूबेदार मदन लाल पूरी ताकत के साथ अपने परिवार की जान बचाने की कोशिशों में लगे रहे थे। आतंकियों की ओर से होती गोलियों की बौछार के बाद भी उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया कि आतंकी उनके परिवार को नुकसान न पहुंचा पाएं। सूबेदार मदन लाल चौधरी 50 वर्ष के थे और अपनी बहादुरी से उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार की जान बचाई बल्कि एक बड़ा नुकसान होने से भी बचाया।

3,000 जवानों परिवार कैंप में
शनिवार को आतंकियों ने सुंजवान में आर्मी कैंप में स्थित जिस जगह पर हमला किया वहां पर करीब 3,000 जवानों के परिवार रहते हैं। मदन लाल चौधरी कठुआ के हीरानगर के रहने वाले थे। उनके गांव में जैसे ही उनकी शहादत की खबर फैली, गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हमले से पहले सूबेदार चौधरी का परिवार उनके क्वार्टर आया था क्योंकि एक रिश्तेदार के यहां शादी के लिए उन्हें कुछ खरीदारी करनी थी।

क्वार्टर में नहीं घुस सके आतंकी
सूबेदार मदन चौधरी के भाई सुरिंदर चौधरी ने बताया कि उन्होंने ढेर सारा साहस जुटाया और आतंकवादियों को अपने क्वार्टर में नहीं घुसने दिया एवं इस तरह परिवार के अन्य सदस्यों की जान बचायी। हालांकि मदन लाल चौधरी की 20 वर्षीय बेटी नेहा के पैर में गोली लग गयी और उनकी अन्य रिश्तेदार परमजीत भी घायल हो गईं। लेकिन सभी अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

भाई की शहादत पर गर्व
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि उन्हें अपने छोटे भाई पर गर्व है जिसने बहादुरी से गोलियों का सामना किया, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को बचाने के लिए निहत्थे ही सशस्त्र आतंकवादियों से लोहा लिया। उन्होंने बताया कि अगर वह उन्हें बचाने में असफल हो जाते तो पूरा परिवार आतंकी हमले की भेंट चढ़ जाता। उन्होंने न सिर्फ परिवार की जान बचाई बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने के आतंकवादियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।

भारी हथियारों से लैस थे आतंकी
मारे गए आतंकियों से एके-56 राइफलें, यूबीजीएल, ग्रेनेड व भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है। आतंकियों के पास से खाने-पीने की सामग्री, ड्राई फ्रूट्स तथा नशीली गोलियां भी बरामद हुई हैं। घायलों की संख्या 11 हो गई है। शनिवार रात दो बजे के बाद से फायरिंग बंद है, लेकिन आपरेशन चल रहा है।

सेना प्रमुख सुंजवान में
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी मौके का दौरा कर घटना और आपरेशन की जानकारी ली। इस बीच, एनआईए ने हमले की जांच शुरू कर दी है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि आपरेशन अभी चल रहा है। बहुत से परिवार अभी पारिवारिक क्वार्टरों में हैं।












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