Success Story: डिलीवरी ब्वॉय से लेकर पेंटर तक... घर की मजबूरी ने करवाया हर काम, आज ऊंचाइयां छू रहे हैं अबिन
बचपन में ही पिता का साया सिर से उठने के बाद परिवार की जिम्मेदारी अबिन के सिर पर आ गई। लोगों के तानों से वे इतना परेशान हो गए कि बुलंदियों के रास्ते पर चलते ही गए।

Success Story of Abin Gopi: कहते हैं सपने बुलंद हों तो क्या हासिल नहीं हो सकता। हौसले ऊंचे हों तो ऊंचाइयों को छूने में डर कैसा। इसी बात को सच साबित कर दिखाया है केरल के अबिन गोगोई ने। लोगों ने मान लिया था कि उनका कोई भविष्य नहीं है। पिता नारियल के पेड़ पर चढ़कर नारियल तोड़कर पूरे परिवार का पेट पालते थे। घर के हालात खराब थे और स्थिति बदतर। ऐसे में लोग जले पर नमक छिड़कने के लिए कहते थे कि पिता की ही तरह तुम भी एक दिन ऊंचाइयों पर पहुंचोगे। लेकिन लोगों के इन्हीं तानों ने अबिन को वाकई ऊंचाइयों में पहुंचा दिया और आज वे राजस्व विभाग के डिप्टी कलेक्टर के अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।

किसी तरह गुजर-बसर करता था परिवार
Humans of Bombay के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर छपी स्टोरी के मुताबिक, अबिन गोपी बताते हैं कि पिताजी नारियल के पेड़ पर चढ़कर किसी तरह परिवार का गुजर बसर करते थे। घर में उनके अलावा कोई भी कमाने वाला नहीं था। ऐसे में लोगों को यही लगता था कि मेरा कोई भविष्य नहीं है। मेरा मजाक उड़ाते हुए वे कहते थे कि तुम भी एक दिन ऊंचाइयों पर पहुंचोगे। मुझे उनसे नफरत होने लगी थी।

17 साल की उम्र में चल बसे थे पिता
अबिन के घर की हालत उस वक्त और भी बिगड़ गई, जब अचानक उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद मात्र 17 साल की उम्र में ही घर की सारी जिम्मेदारियों अबिन के कंधों पर आ गई। उनकी मां और भाई की हालत ठीक नहीं थी। ऐसे में अबिन ने सोच लिया कि अब उन्हें ही सब कुछ करना है।

डिलीवरी ब्वॉय से लेकर होटल में किया काम
अबिन बताते हैं कि फिर अगले 3 सालों में परिवार को पालने के लिए मैंने पार्ट टाइम काम करना शुरू कर दिया। घरों में रंगाई पुताई, दुकान में काम, डिलीवरी ब्वॉय और यहां तक कि होटल में भी काम किया। 2015 में मैंने अपनी पढ़ाई लिखाई के लिए कुछ पैसे बचाए लेकिन काम और पढ़ाई दोनों को संभालना काफी मुश्किल था। लेकिन मैंने सोच लिया था कि मुझे ऐसी नौकरी करनी होगी, जो मेरा भविष्य सुरक्षित करे।

PSC एग्जाम की तैयारी में जुटे अबिन
इसके बाद अबिन के चाचा ने उन्हें PSC एग्जाम के बारे में बताया। उनकी अम्मा ने भी कहा कि सरकारी नौकरी करना सही रहेगा। इसके बाद अबिन ने मेहनत करना शुरू कर दिया। वे बताते हैं कि मैं प्रैक्टिस करने के लिए स्पेयर शीट्स लाता था। ये देखकर लोग मजाक उड़ाने लगे कि क्या सचमुच मैं ये क्रैक कर पाउंगा? लेकिन मैं जानता था कि मेरी मेहनत एक दिन रंग लाएगी।

15-15 घंटे पढ़कर हासिल किया मुकाम
साल 2019 में मैंने काम करना छोड़ दिया। मैं 15-15 घंटे पढ़ाई करता था। आखिरकार साल 2021 में मुझे सफलता हासिल हुई। मैं बेहद अच्छे नंबरों से पास हुआ। तब अम्मा की आंखों में भी खुशी के आंसू थे। बताते चलें कि अबिन राजस्व विभाग में डिप्टी कलेक्टर के अटेंडेंट के पद के लिए सिलेक्ट हुए। अपनी पहली तनख्वाह से वे अपनी अम्मा और भाई को शॉपिंग कराने ले गए। आज 27 साल का होने पर अबिन बताते हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है।












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