सुब्रत राय को नहीं मिला 'सुप्रीम' सहारा, रिहाई याचिका खारिज

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कोर्ट ने कहा, जजों पर मानसिक दबाव बनाया गया और उनपर केस छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया. कोर्ट ने सहारा की तमाम दलीलों को खारिज करते हुए कहा, निवेशकों को पैसा लौटाना ही होगा।
राय ने इस याचिका में सेबी के पास निवेशकों का करीब 20 हजार करोड़ रुपये जमा कराने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने पर उन्हें जेल भेजने के निर्णय को चुनौती दे रखी है। न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की खंडपीठ इस याचिका पर फैसला सुनायेगी।
इस खंडपीठ ने इस याचिका पर 21 अप्रैल को सुनवाई पूरी कर ली थी। न्यायालय चार मार्च से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद सुब्रत राय और दो निदेशकों की रिहाई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के भुगतान संबंधी सहारा के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकता है। फिलहाल सहारा श्री को 'सुप्रीम सहारा' नहीं मिला है, जिससे उनके जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर विराम लग गया है।












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