चीन की ओर से पेंगोंग में पहली बार नहीं हुई है पत्थरबाजी
पहली बार पेंगोंग में नहीं हुई है पत्थरबाजी, इससे पहले भी हो चुका है ऐसा, लेकिन इस बार डोकलाम विवाद के चलते घटना आई सुर्खियों में
नई दिल्ली। डोकलाम में चल रहा भारत और चीन के बीच का विवाद अपने तीसरे महीने में पहुंच चुका है। सिक्किम और भूटान से लगे हुए इस छोटे से पठार पर चीन कब्जा करने की कोशिशों में लगा हुआ है जिसके बाद से भारत-चीन संबंधों के हर पहलू को डोकलाम विवाद से जोड़ के ही देखा जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को दोनों देशों की सेनाओं की टुकड़ियों के बीच पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील में पथराव की भी खबरें आई जिसकी वजह डोकलाम विवाद बताई जा रही थी।

अक्सर होते रहते हैं इस तरह के विवाद
लेकिन इस विवाद को दोनों देशों के स्थानीय सेना कमांडरों ने एक फ्लैग मीटिंग के दौरान सुलझा लिया है। सेना के एक सूत्र ने बताया कि फ्लैग मीटिंग के दौरान दोनों सेनाएं आपसी मन मुटाव को कम करने के लिए वार्ता करती हैं। जिसके बाद सामान्यतः मौजूदा समझौतों के अंतर्गत दोबारा शांति स्थापित कर ली जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर ऐसे छोटे मोटे विवाद अकसर होते रहते हैं जो अंततः लोकल कमांडरों द्वारा सुलझा भी लिए जाते हैं।
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15 अगस्त और डोकलाम की वजह से आई घटना सुर्खियों में
लेकिन इस बार डोकलाम के विवाद और स्वतंत्रता दिवस के चलते इन विवादों को विशेष सुर्खियां मिली हैं, जबकि यह पहले भी होता रहा है। लेकिन इससे पहले यहां हुई इस घटना को कभी इतना महत्व नहीं दिया गया। दोनों सेनाओं के बीच फ्लैग मीटिंग पूर्वी लद्दाख के चूशुल स्थान में हुई जिसमे दोनों देशों के ब्रिगेडियर लेवल के अधिकारियों के बीच लगभग ढाई घंटे तक वार्ता हुई।

बेहतर तरीके से रिपोर्ट की जा सकती थी घटना
सेना के जानकारों का मानना है कि पेंगोंग विवाद का डोकलाम मामले पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। इस मुद्दे पर कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि विभिन्न भ्रांतियों से बचने के लिए इस घटना की जानकारी आम नागरिकों को थोड़े बेहतर तरीके से दी जा सकती थी। लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा जो लद्दाख में कई वर्ष तक कमांडर रह चुके हैं, उन्होंने कहा कि पेंगोंग झील पर जो हुआ वह एक सामान्य घटना है। उन्होंने बताया की दोनों सेनाएं गर्मियों में अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा देती हैं जिसकी वजह से इन घटनाओं की तादाद और भी बढ़ जाती है लेकिन स्थानीय सेना कमांडर आखिर में इन विवादों को सुलझा ही लेते हैं।












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