सात अजूबों में शामिल ताजमहल को पछाड़ कमाई के मामले में नंबर-1 बनी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी'
नई दिल्ली। विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' ने कमाई के मामले में दुनिया के सात अजूबों में शामिल स्मारक ताजमहल को पीछे छोड़ दिया है। भारत और विदेश से आने वाले पर्यटक ताजमहल की जगह अब 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। पर्यटकों में घूमने की लिस्ट में सबसे पहले अब सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति का नाम शामिल हो गया है। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' ने एक साल में 63 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि ताजमहल ने 56 करोड़ की कमाई की है।

कमाई के मामले में ताजमहल को पछाड़ा
बता दें, 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को पीएम मोदी ने भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में बनवाया था। पीएम मोदी ने उद्घाटन के समय कहा था कि 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' विश्व के पर्यटकों को आकर्षित करेगी और यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। पीएम मोदी की कही बात अब सच साबित हो रही है, विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति होने के बाद 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' ने कमाई के मामले में भी नया मुकाम हासिल किया है।

सर्वे में सामने आई बात
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' भारत के पांच श्रेष्ठ स्मारकों में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला स्मारक बन गया है। इस सर्वे में ताजमहल को दूसरे नंबर पर रखा गया है जबिक स्ट्रैच्यू ऑफ यूनिटी कमाई के मामले में पहले स्थान पर आ गया है। बता दें, 31 अक्टूबर को स्ट्रैच्यू ऑफ यूनिटी को बने एक साल पूरे हो गए थे। सरदार वल्लभभाई पटेल की इस मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है जो दुनिया में सबसे ऊंची प्रतिमा है।

'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को बनाने में आया इतना खर्च
सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का आयरन मैन भी कहा जाता है, उन्हें देश की एकता और अखंडता को स्थापित करने के लिए याद किया जाता है। गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे बने इस स्मारक को बनाने में करीब 300 से ज्यादा लोग और 250 से ज्यादा इंजीनियरों ने काम किया था। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को बनाने का कुल खर्च 2,989 करोड़ रुपये आया था, इसे लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने बनाया है।












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