आंध्र प्रदेश में T-Hub की तर्ज पर बनेगा स्टार्टअप टॉवर, एक कंपनी में काम कर सकेंगे 30 से अधिक कर्मचारी
आंध्र प्रदेश में सरकार द्वारा स्टार्टअप टॉवर की पहल शुरू की गई है। टॉवर में करीब 300 स्टार्टअप्स के एक साथ काम करने की संभावना है।' स्टार्टअप कंपनियों में न्यूनतम 10 से 20 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

Visakhapatnam News: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार 3 लाख वर्ग फीट की सीमा में एक स्टार्टअप टॉवर स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह टॉवर भुवनेश्वर ओ-हब (O- Hub) और हैदराबाद में टी-हब (T-Hub) की तर्ज पर होगा। आईटी और उद्योग मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ ने बताया कि, आईटी हिल्स में से एक पर संरचना का पांच एकड़ से अधिक का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि, 'उद्योग विभाग भी उसी टॉवर से काम करेगा। टॉवर में करीब 300 स्टार्टअप्स के एक साथ काम करने की संभावना है।' राज्य में लगभग 400 आईटी फर्म हैं, जिनमें विजाग (Vizag) में 250, राजमुंदरी में 70 से 80 शामिल हैं। इसके अलावा काकीनाडा, गुंटूर, विजयवाड़ा, और तिरुपति में लगभग 30 से 40 फर्म हैं। एपी राशि से आईटी निर्यात प्रति वर्ष लगभग 6,000 करोड़ रुपये है।
बड़ी कंपनियों में 30 से अधिक कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था
आंध्र प्रदेश के आईटी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीधर कोसाराजू ने टीओआई को बताया कि स्टार्टअप कंपनियों में न्यूनतम 10 से 20 लोगों के बैठने की क्षमता होगी और बड़ी कंपनियों में 30 से अधिक कर्मचारी होंगे।
आंध्र प्रदेश में 1300 स्टार्टअप
उन्होंने बताया कि, '3 लाख वर्ग फीट के टॉवर में 300 से अधिक कंपनियों को समायोजित किया जा सकता है। हमें अन्य शीर्ष शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक अच्छी स्टार्टअप नीति और सरकार के समर्थन की आवश्यकता है। स्टार्टअप टॉवर सरकार द्वारा एक अच्छी पहल है और निश्चित रूप से समय की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि, देश में 90,000 स्टार्टअप में से राज्य में लगभग 1,300 हैं।












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