कोई सीलॉन से बना श्रीलंका...तो कोई जैरे से कांगो, पहले भी बदले जा चुके हैं कई देशों के नाम, देखें लिस्ट
केंद्र की मोदी सरकार देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत करने की तैयारी कर रही है। सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने इंडिया का नाम बदलकर भारत करना चाह रही है। कांग्रेस ने जी20 सम्मेलन में होने वाले भोज का न्योता पत्र जारी किया है, जिसमें 'द प्रेसिडेंट भारत' के नाम से न्योता दिया गया है।
सूत्रों का कहना है इंडिया की जगह भारत नाम को लेकर सरकार संसद के विशेष सत्र में बिल भी पेश कर सकती है। देश का नाम इंडिया की जगह भारत किया जाएगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन हम आपको बताने वाले हैं कि, दुनिया में कई ऐसे देश हैं। जिन्होंने अपना नाम बदला है।

दुनिया कई ऐसे देश हैं जिन्होंने सीमा परिवर्तन, युद्ध , स्वतंत्रता, किसी नेता का सम्मान करना, देशों का विभाजन के चलते अपने नामों में परिवर्तन किया है। हम आपको ऐसे ही कुछ नामों से रूबरू कराएंगे।
पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश
1947 में भारत के विभाजन के बाद देश दो भागों में बंट गया था। दूसरे हिस्से को हम पाकिस्तान के नाम से जानते हैं। पाकिस्तान को बंटवारे में इंडिया के दो तरफ जमीन मिली थी। दूसरी तरफ की जमीन को पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था। लेकिन 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध ने इस पूर्वी हिस्से को पाकिस्तान से आजाद करा दिया। जिसके बाद इसका नाम बांग्लादेश पड़ा।
सिलॉन से श्रीलंका
भारत के पड़ोसी मुल्क श्रीलंका का पुराना नाम सीलॉन था। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में 1815 से लेकर 1948 तक श्रीलंका को सीलॉन नाम से जाना जाता था। जब देश में आजादी का आंदोलन तेज हुआ तो देश का नाम श्रीलंका रखने की मांग तेज हो गई। इसके बाद 1972 में आधिकारिक तौर पर देश का नाम द रिपब्लिक ऑफ श्रीलंका रखा गया, जिसे 1978 में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ श्रीलंका कर दिया गया।
बर्मा से म्यांमार
भारत के एक और पड़ोसी देश म्यांमार ने भीअपने नाम को बदला है। म्यांमार को पहले बर्मा कहा जाता था। सैन्य सरकार ने 1989 में देश का नाम म्यांमार रखा। फ्रांस और जापान ने इस नाम को स्वीकार कर लिया. लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन लंबे समय तक बर्मा नाम ही इस्तेमाल करते रहे।
मैसेडोनिया गणराज्य से उत्तरी मैसेडोनिया तक
किसी देश द्वारा सबसे हाल में नाम परिवर्तन 2019 में किया गया है। जब मैसेडोनिया गणराज्य उत्तरी मैसेडोनिया बन गया। इस परिवर्तन से ग्रीस के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान हो गया। जिसने "मैसेडोनिया" नाम के उपयोग पर आपत्ति जताई थी क्योंकि उसके पास भी इसी नाम का एक क्षेत्र है। नाम बदलना एक राजनयिक समझौते का हिस्सा था। जिसने उत्तरी मैसेडोनिया की नाटो सदस्यता का मार्ग प्रशस्त किया और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हुआ।
ज़ैरे बना डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो
1997 में राजनीतिक उथल-पुथल और संघर्षों की एक लंबी श्रृंखला के बाद ज़ैरे ने अपना नाम बदलकर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) कर लिया था।
सियाम से थाईलैंड
थाईलैंड को 1939 तक सियाम के नाम से जाना जाता था। इस परिवर्तन का उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया में बढ़ते पश्चिमी औपनिवेशिक प्रभाव के सामने देश की एकता और पहचान पर जोर देना था। "थाईलैंड" का अर्थ है "स्वतंत्र भूमि" और इसे देश की स्वतंत्रता और थाई लोगों की राष्ट्रीय गौरव की भावना पर जोर देने के लिए चुना गया था।
चेकोस्लोवाकिया से चेक गणराज्य और स्लोवाकिया तक
1993 में चेकोस्लोवाकिया के विभाजन से दो अलग देशों का निर्माण हुआ। चेक गणराज्य और स्लोवाकिया। यह शांतिपूर्ण अलगाव साम्यवादी शासन के अंत के बाद हुआ और दो जातीय समूहों, चेक और स्लोवाक के बीच अधिक स्वायत्तता और आत्मनिर्णय की इच्छा पर आधारित था।
जॉर्डन
मध्य पूर्व का देश जॉर्डन का नाम ब्रिटिश शासन के दौरान ट्रांजॉर्डन था। ब्रिटेन से 1946 में आजादी मिलने के बाद 1949 में देश का नाम बदलकर द हाशेमिके किंगडम ऑफ जॉर्डन किया गया।
हॉलैंड से नीदरलैंड
साल 2020 में हॉलैंड की सरकार ने अपने देश का नाम बदलकर द नीदरलैंड्स रखने का फैसला किया था। इस देश के दो क्षेत्र हैं जिनमें साउथ हॉलैंड और नॉर्थ हॉलैंड है। इसके पीछे की वजह मार्केटिंग मूव बताई गई थी।
परसिया से ईरान
मार्च 1935 से पहले ईरान का नाम फारस था। साल 1935 में यहां की सरकार ने उन देशों से अपने देश को ईरान कहकर संबोधित करने को कहा, जिनके उनके साथ राजनयिक संबंध थे। कहा जाता है कि बदलाव का सुझाव जर्मनी में ईरानी राजदूत की ओर से आया था। जो नाज़ियों के प्रभाव में थे।
चेक गणराज्य से चेकिया
अप्रैल 2016 से चेक गणराज्य को चेकिया के नाम से जाना जाने लगा। ये मध्य यूरोप का एक देश है, जिसे पहले बोहेमिया के नाम से भी जाना जाता था।
डेमोक्रेटिक कंपूचिया से कंबोडिया
कंबोडिया ने अपना नाम कई बार बदला है। 1953 और 1970 के बीच देश का नाम बदलकर कंबोडिया साम्राज्य और फिर 1975 तक खमेर गणराज्य कर दिया गया। 1975 से 1979 तक कम्युनिस्ट शासन के तहत, इसे डेमोक्रेटिक कम्पूचिया कहा जाता था। 1989 से 1993 तक संयुक्त राष्ट्र संक्रमण प्राधिकरण के तहत, यह कंबोडिया राज्य बन गया। 1993 में राजशाही की बहाली के बाद इसका नाम बदलकर कंबोडिया साम्राज्य कर दिया गया।
आयरिश फ्री स्टेट से आयरलैंड
1937 में यूनाइटेड किंगडम के साथ सभी संबंधों को खत्म के लिए आयरिश फ्री स्टेट का नाम बदलकर आयरलैंड कर दिया गया। देश का यूनाइटेड किंगडम के साथ 2 वर्षों तक भीषण युद्ध चला है।
स्वाजीलैंड से इस्वातिनी
अप्रैल 2018 में अफ़्रीका देश स्वाज़ीलैंड का नाम बदलकर इस्वातिनी कर दिया गया। इस्वातिनी स्वाज़ीलैंड की स्थानीय भाषा का अनुवाद है। इसका अर्थ "स्वाज़ियों की भूमि" है। पुराना नाम भ्रमित करने वाला था क्योंकि दूसरे देशों के लोग इसे यूरोपीय देश 'स्विट्जरलैंड' समझ बैठते थे।
रोडेशिया से जिम्बाब्वे
1980 में ब्रिटेन से आज़ादी के बाद रोडेशिया ज़िम्बाब्वे बन गया। देश का नाम खत्म हो चुके एक प्राचीन शहर ग्रेट ज़िम्बाब्वे के नाम पर रखा गया। इसके बाद राजधानी सैलिसबरी से बदलकर हरारे कर दी गई। 2017 तक 37 वर्षों तक रॉबर्ट मुगाबे के नेतृत्व वाले दक्षिणी अफ्रीकी देश में कई अन्य शहरों, कस्बों और सड़कों के नाम भी बदले।
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