'Pakistan में मेरी शादी करवा दो', Jyoti Malhotra ने क्यों और किससे कहा? दुश्मन देश में चल रहा था ILU-ILU?
Jyoti Malhotra Pakistan Love Connection: हरियाणा के हिसार से 6 दिन पहले (15 मई) गिरफ्तार हुई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की कहानी में एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आ रहे हैं। यह अब सिर्फ 'ट्रैवल व्लॉगर' की नहीं रही, बल्कि वो एक ऐसे किरदार में बदल चुकी है, जिसने भारत की सुरक्षा एजेंसियों को चौंका कर रख दिया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की पूछताछ में वो अब 'हाई-प्रोफाइल ISI जासूस' के रूप में उभरकर सामने आई है।
उसके बयानों के पीछे बेहद गहरे मकसद छिपे नजर आ रहे हैं। अब एक नया तथ्य सामने आया है, जिसमें उजागर हुआ कि ज्योति पाकिस्तान की दुल्हन बनना चाहती थी। क्या पाकिस्तानी किसी ISI एजेंट से चल रहा था इश्क? आइए जानते हैं....

कबूलनामे में इश्क और इन्क्रिप्शन!
20 मई को दूसरे दिन की पूछताछ में ज्योति ने स्वीकार किया कि उसका संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से था। उसने बताया कि वह एन्क्रिप्टेड ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram, Snapchat के जरिए लगातार संपर्क में थी। सबसे चौंकाने वाला खुलासा आया हसन अली नामक एक पाक एजेंट के साथ उसकी WhatsApp चैट से, जिसमें वो कहती है- 'मेरी शादी पाकिस्तान में करवा दो!'
क्या यह महज मजाक था या भावनात्मक जाल? सुरक्षा एजेंसियां इसे 'हनी ट्रैप मॉडल' के तहत देख रही हैं, जहां प्रेम, सहानुभूति और भरोसे की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ होता है।
पठानकोट की 'नॉन-व्लॉगिंग' ट्रिप - संदेह गहराया
ज्योति मल्होत्रा एक साल पहले पठानकोट गई थी। लेकिन दिलचस्प बात यह कि ट्रैवल व्लॉगर होते हुए भी उसने वहां कोई वीडियो या कंटेंट अपलोड नहीं किया। केवल फेसबुक पर एक फोटो और छोटी क्लिप से उसका वहां जाना साबित हुआ। याद रहे - 2016 और 2025 में पठानकोट पर हमले हुए थे, और अब ज्योति की मौजूदगी से उस साजिश की परतें खुलने लगी हैं।
'ट्रैवल' की आड़ में बांग्लादेश लिंक भी आया सामने!
जांच में अब यह भी सामने आया है कि ज्योति बांग्लादेश की यात्रा की योजना बना रही थी। एजेंसियों को उसके वीजा आवेदन पत्र मिले हैं, जिसमें उसने अपना अस्थायी पता - उत्तरा, ढाका में दिखाया है। बिना तारीख वाले इस आवेदन पर संदेह जताया जा रहा है कि उसका मकसद वीडियो शूट की आड़ में ISI-संबद्ध बांग्लादेशी गुर्गों से संपर्क बनाना था। ऐसे समय में जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है, ज्योति की प्रस्तावित यात्रा से नई सुरक्षा चिंताएं भी पैदा हो गई हैं।
पुलिस बोली- हमारे पास कोई साक्ष्य नहीं
ज्योति मल्होत्रा केस में अब एक नया मोड़ सामने आया है। जहां एक ओर NIA और दूसरी जांच एजेंसियां उसे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली एक हाई-प्रोफाइल ISI एजेंट मान रही हैं, वहीं अब हिसार पुलिस का बयान थोड़ा अलग नजर आ रहा है।
हिसार पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जो यह साबित करे कि ज्योति किसी आतंकी संगठन से जुड़ी थी या फिर उसने किसी आतंकी गतिविधि में भाग लिया है। पुलिस ने साफ किया कि उसके पास इस बात के भी कोई दस्तावेज नहीं हैं, जो यह दिखाएं कि ज्योति किसी पीआईओ (Pakistan Intelligence Officer) से शादी करना चाहती थी या धर्म परिवर्तन का इरादा रखती थी।
पूछताछ में ना पछतावा, ना शर्म - उल्टा दावा: 'अभिव्यक्ति की आजादी!'
NIA के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ज्योति ने ना कोई पछतावा जताया और ना ही जासूसी के आरोपों को गंभीरता से लिया। उल्टा उसने कहा कि उसे 'फ्री स्पीच' के लिए टारगेट किया जा रहा है। लेकिन, एजेंसियों के पास मौजूद डिजिटल एविडेंस, चैट्स, और विदेशी यात्राओं की टाइमलाइन उसकी 'मासूमियत' की कहानी को पस्त कर रहे हैं।
अब तक कितने जासूस पकड़े गए?
ज्योति के अलावा अब तक 14 लोग पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए हैं - जिनमें पंजाब और हरियाणा के अलावा कुछ अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ मुसलमान ही नहीं, हिंदू समुदाय के लोग भी इस नेटवर्क में शामिल पाए गए हैं। यानी जासूसी अब किसी धर्म की सीमा में नहीं रही, यह अब एक मनी-एंड-नैरेटिव वॉर का हिस्सा बन चुकी है।
'Travel With JO' या 'ISI की Jo'?
जिन्हें ज्योति मल्होत्रा के ट्रैवल व्लॉग्स से सफर करने की प्रेरणा मिलती थी, वे आज शॉक में हैं। सोशल मीडिया पर अब ये सवाल उठ रहा है - 'क्या उसकी यात्राएं सिर्फ घूमने के लिए थीं या 'रेकी और रिपोर्टिंग' के मिशन थे?"
एक लड़की, दो पासपोर्ट, तीन यात्राएं और देश के खिलाफ गहरी साजिश
ज्योति की कहानी अब सिर्फ एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी नहीं है। यह भारत के खिलाफ चल रहे 'नैरेटिव युद्ध' का पर्दाफाश है, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को प्रॉपेगेंडा टूल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल ये नहीं है कि ज्योति दोषी है या नहीं, बल्कि ये है- और कितने 'ट्रैवल व्लॉगर' ISI के प्लान-B में छिपे हुए हैं?












Click it and Unblock the Notifications