• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Special Parcel Train:पहली बार सीमा पार कर भारत से विदेश भेजी गई ट्रेन

|

नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक और बड़ा काम किया है। पहली बार इसने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय किसानों के उत्पाद को बांग्लादेश भेजा है। यह स्पेशल पार्सल ट्रेन आंध्र प्रदेश से बांग्लादेश के बीनापोल स्टेशन भेजी गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस पार्सल ट्रेन के जरिए माल भेजने की वजह से किसानों और व्यापारियों का माल ढुलाई का खर्चा भी करीब 1,400 रुपये प्रति टन कम पड़ा है। यह ट्रेन सूखी मिर्च लेकर गई है, जो लॉकडाउन की वजह से पिछले कुछ महीनों से नहीं भेजी गई थी।

पहली बार सीमा पार कर भारत से विदेश भेजी गई ट्रेन

पहली बार सीमा पार कर भारत से विदेश भेजी गई ट्रेन

भारतीय रेलवे ने पहली बार सीमा पार करके एक पार्सल ट्रेन को विदेश रवाना किया है। यह ट्रेन आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के एक स्टेशन से बांग्लादेश भेजी गई है। यह स्पेशल पार्सल ट्रेन 384 टन सूखी मिर्च लेकर बांग्लादेश गई है, जिसे 16 पार्सल वैन में लादा गया है। ट्रेन से यह माल भेजे जाने का फायदा ये हुआ है कि इसपर प्रति टन 4,608 रुपये ढुलाई का खर्चा आया है। जबकि अगर इतना ही माल सड़क मार्ग से भेजा जाता तो उसपर 7,000 रुपये प्रति टन का खर्च आना तय था। यानि रेलवे से भेजने का फैसला बहुत ही किफायती रहा है। पहले ये माल स्थानीय किसानों और व्यापारी कम मात्रा में सड़क मार्ग से भेजते थे और उन्हें इसके लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ता था। लेकिन, अबकी बार उन्हें प्रति टन 1,400 रुपये कम खर्च आया है। यह पार्सल ट्रेन गुंटूर के रेड्डीपलेम से बांग्लादेश के बीनापोल रेलवे स्टेशन भेजी गई है।

लॉकडाउन की वजह से ठप हो गई थी सप्लाई

लॉकडाउन की वजह से ठप हो गई थी सप्लाई

दरअसल, लॉकडाउन की वजह से सप्लाई चेन पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है। लेकिन, इस दौरान रेलवे ने पार्सल सेवा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेलवे ने दवाई से लेकर, मेडिकल इक्विपमेंट और खाद्य सामग्रियों तक की बहुत बड़े पैमाने पर ढुलाई की है। इसने ई-कॉमर्स कंपनियों और राज्य सरकारों जैसे ग्राहकों के भी सामानों की बड़ी मात्रा में ढुलाई की है। बता दें कि रेलवे ने चुनिंदा मार्गों पर आवश्यक सामानों की सप्लाई बरकरार रखने के लिए 22 मार्च से 11 जुलाई तक टाइम-टेबल आधारित 4,304 स्पेशल पार्सल ट्रेनों का संचालन किया है। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से स्थानीय किसानों और कारोबारियों की समस्या को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के गुंटूर डिवीजन ने बांग्लादेश तक स्पेशल पार्सल ट्रेन भेजने के लिए खास पहल की है। इससे हर ट्रिप में एकसाथ 500 टन तक सूखी मिर्च निर्यात की जा सकती है। इसबार जो 16 डिब्बे बांग्लादेश भेजे गए हैं, उनमें हर डिब्बे में सूखी मिर्च के 466 बोरे लादे गए, जिसमें प्रति वैन मिर्च का कुल वजन 19.9 टन है।

रेलवे भारतीय उत्पादों के निर्यात के लिए प्रतिबद्ध- रेल मंत्री

रेल मंत्री पीयुष गोयल ने खुद एक वीडियो शेयर कर ट्विटर के जरिए इस स्पेशल पार्सल ट्रेन के बांग्लादेश भेजे जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था- 'पहली बार भारतीय रेलवे ने आंध्र प्रदेश के रेड्डीपलेम से बांग्लादेश माल भेजने के लिए हाई-कैपिसिटी स्पेशल पार्सल ट्रेन में सामान लोड किया है। भारतीय रेलवे भारतीय उत्पादों के निर्यात में सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। ' बता दें कि लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में कई कामयाबियां हासिल की हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक लाइन पर डबल डेकर कंटेनर ट्रेन से लेकर सुपर एनाकोंडा और शेषनाग जैसी कई किलोमीटर लंबी माल ट्रेनें चलाना शामिल है।

इसे भी पढ़ें- यात्रीगण कृपया ध्यान दें: 13 जुलाई से बिहार-झारखंड के बीच नहीं चलेंगी ये दो ट्रेनें

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Special Parcel Train: Train sent abroad from India crossing the border for the first time
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X