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Bypolls: आजम खान की रामपुर सीट से चुनावी रण में उतरेंगी डिंपल यादव?

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लखनऊ। लोकसभा चुनाव में करारी हार और बसपा से गठबंधन टूटने के बाद विदेश घूमकर लौटे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं और उपचुनाव के लिए मीटिंग पर मीटिंग कर रहे हैं, ऐसे में खबर है कि एक बार फिर उनकी पत्नी डिंपल चुनावी रण में उतर सकती हैं, जो कि इस बार के लोकसभा चुनाव में कन्नौज में हार गई थीं।

 डिंपल यादव आजम खान की सीट से लड़ेंगी चुनाव?

डिंपल यादव आजम खान की सीट से लड़ेंगी चुनाव?

न्यूज 18 की खबर के मुताबिक डिंपल यादव, रामपुर सीट से चुनावी रण में उतर सकती हैं, दरअसल सपा के कद्दावर नेता और पार्टी के मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आजम खान इस बार लोकसभा चुनाव में रामपुर संसदीय सीट से सांसद चुने गए, एमपी चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद ये सीट खाली हुई है, यहां उपचुनाव होना है, ऐसे में सपा की ओर से डिंपल को इस बार इस सीट से उतारा जा सकता है, ऐसी सुगबुगाहट है।

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चुनावी रण में फिर से जया प्रदा?

चुनावी रण में फिर से जया प्रदा?

ऐसी चर्चा है कि लोकसभा चुनाव में आजम खान से हारने के बाद एक बार फिर से उपचुनाव में भाजपा नेता जया प्रदा चुनावी दंगल में रामपुर से उतर सकती हैं, इसलिए आजम खान की पूरी कोशिश है कि वो इस सीट पर डिंपल को उतारें, जिससे रामपुर सीट किसी भी सूरत में सपा के हाथ से ना निकलें।

रामपुर विधानसभा सीट का सियासी समीकरण

रामपुर विधानसभा सीट का सियासी समीकरण

यह सीट सपा नेता आजम खान की परंपरागत मानी जाती रही है, यहां से 1980 से इसी सीट से चुनाव जीत दर्ज करते आ रहे हैं, आजम खान को रामपुर में पहली और आखिरी हार 1996 के विधानसभा चुनाव में मिली थी।

इसलिए हारी थीं डिंपल यादव...

इसलिए हारी थीं डिंपल यादव...

कन्नौज संसदीय सीट से इस बार डिंपल यादव चुनाव हार गई थीं, उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रत पाठक ने 12353 वोटों से हराया था। सुब्रत पाठक को 563087 और डिंपल यादव को 550734 वोट मिले थे। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव ने इसी सीट पर सुब्रत पाठक को 19907 वोटों के अंतर से हराया था और इस जीत में सबसे बड़ा योगदान अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव का था।

शिवपाल का ना होना डिंपल यादव की हार का एक बड़ा कारण ....

शिवपाल का ना होना डिंपल यादव की हार का एक बड़ा कारण ....

दरअसल कन्नौज सीट पर हर चुनाव में मैनेजमेंट संभालने की जिम्मेदारी शिवपाल यादव को ही मिलती थी। शिवपाल यादव ना केवल जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखते थे, बल्कि उनकी समस्याओं को सुनकर उनका तुरंत समाधान भी कराते थे। 2014 में भी शिवपाल यादव ने ही कन्नौज सीट पर मैनेजमेंट संभाला था और इसी की बदौलत मोदी लहर के बावजूद डिंपल यादव ने यहां जीत दर्ज की। 2019 के चुनाव में शिवपाल का ना होना डिंपल यादव की हार का एक बड़ा कारण बना।

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English summary
The Samajwadi Party may field former Kannauj MP and Akhilesh Yadav’s wife Dimple from the Rampur assembly constituency in the upcoming by-election.
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