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दिल्ली से लखनऊ तक का सफर जल्द ही करीब साढ़े 3 घंटे में कर सकेंगे, जानिए नितिन गडकरी का पूरा प्लान

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गाजियाबाद, 24 दिसंबर: केंद्र सरकार जिस योजना पर काम कर रही है, उसके चलते आने वाले समय में दिल्ली से लखनऊ तक की सड़क मार्ग की दूरी चार घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है। अभी कम से कम 8 घंटे तक लग ही जाते हैं। लेकिन, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत यूपी में तमाम एक्सप्रेसवे की शुरुआत से केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय उत्साहित है और इसलिए इस नई योजना पर काम कर रहा है। उससे पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी काम होना है, जिसमें से दिल्ली-लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी खुद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजपथ मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को अपने मंत्रालय के ही एक कार्यक्रम में दी है।

दिल्ली से लखनऊ तक का सफर करीब साढ़े 3 घंटे में

दिल्ली से लखनऊ तक का सफर करीब साढ़े 3 घंटे में

दिल्ली से लखनऊ के बीच एक नए एक्सप्रेसवे का निर्माण होने जा रहा है, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर मात्र साढ़े तीन घंटे के करीब रह जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजपथ मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को अपनी सरकार के इस मेगा प्लान का खुलासा किया है। उन्होंने कहा है, 'हमने दिल्ली से लखनऊ को जोड़ने की एक योजना तैयार की है।' उन्होंने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीएफ) प्रोजेक्ट के लिए देश के किसी भी हाइवे के पहले इंटेलिजेंस ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के उद्घाटन के मौके पर ऐलान किया है कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का भूमि पूजन समारोह अगले 10-12 दिनों के अंदर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा है कि यह एक्सप्रेसवे लिंक भी पूरी तरह से सिग्नल फ्री होगा।

गडकरी ने अध्ययन करके रास्ता निकालने का दिया भरोसा

गडकरी ने अध्ययन करके रास्ता निकालने का दिया भरोसा

इस मौके पर गडकरी ने कहा कि 'हमारे पास पहले से ही दिल्ली से गाजियाबाद के बीच एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी है और अगले 10-12 दिनों में हम कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखेंगे। हम इस पर अध्ययन करेंगे कि कैसे इन दोनों एक्सप्रेस के बीच की कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा सकता है। हमें इस लिंक में पड़ने वाले भीड़भाड़ वाले शहरों के लिए बायपास बनाना होगा या फिर एलिवेटेड स्ट्रेच तैयार करने होंगे। हम सभी पहलुओं पर अध्ययन करेंगे।' हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दिल्ली और लखनऊ की दूरी को देखते हुए यह कठिन लग रहा है, लेकिन नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इसपर विस्तार से अध्ययन करेगा कि किस तरह से इन दोनों राजधानियों के बीच की दूरी को घटाया जाए।

30 घंटे में तय होगी लखनऊ-कानपुर की दूरी

30 घंटे में तय होगी लखनऊ-कानपुर की दूरी

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर-लखनऊ के बीच के 62 किलोमीटर के 6 लेन वाले एक्सप्रेसवे के लिए एचएआई अगले दो दिनों में टेंडर आमंत्रित करेगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर सिर्फ 30 मिनट की रह जाएगी। इस समय दिल्ली से गाजियाबाद के रास्ते कानपुर की 474 किलोमीटर की दूरी तय करने में कम से कम साढ़े 6 घंटे लग जाते हैं। एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा है कि 'हमें देखना होगा कि हम इस दूरी को कैसे कम कर सकते हैं, ताकि लोग इसे चार घंटों से भी कम (दिल्ली-लखनऊ) में पूरी कर सकें।'

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर आईटीएस की शुरुआत

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर आईटीएस की शुरुआत

नितिन गडकरी ने इसी मौके पर ईपीएफ पर जो देश का पहला इंटेलिजेंस ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू किया है, उसका मकसद ट्रैफिक संकट का समाधान और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर करना है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री बोले कि भारत को रोड इंजीनियरिंग बेहतर करने की आवश्यकता है, क्योंकि हर साल पूरे देश में करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने आईटीएस को लॉन्च करते हुए कहा, 'भारतीय बुनियादी ढांचे (के विकास) के इतिहास में यह एक महान घटना है।' आईटीएस सेंटर का दौरा करते हुए उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों और प्रबंधकों से कहा कि हादसों का डेटा सेंट्रल सिस्टम में दर्ज करें। इसके लिए मंत्रालय ने एक रियल टाइम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है।

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस की औपचारिक शुरुआत

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस की औपचारिक शुरुआत

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का औपचारिक तौर पर उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। वैसे यह एक्सप्रेसवे इस साल अप्रैल से ही आम जनता के लिए खोल दिया गया था, लेकिन किसान आंदोलन की वजह से मेरठ से दिल्ली वाले सभी लेन पिछले एक साल से यूपी मोड़ पर ट्रैफिक के लिए बंद पड़े हुए थे। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली और मेरठ की दूरी पहले के ढाई घंटे से घटकर सिर्फ 45 मिनट का रह गई है। हालांकि, अभी भी चिपियाना बुजुर्ग में बन रहा 16 लेन वाला रेलवे ओवरब्रिज का काम पूरा नहीं हुआ है, जो एशिया का सबसे भारी आरओबी होगा। इसके अगले साल मार्च में पूरी तरह से बनने की डेडलाइन दी गई है। (तस्वीरें गडकरी के मंत्रालय के ट्विटर हैंडल के वीडियो से)

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English summary
The distance from Delhi to Lucknow will be completed in three and a half hours, Nitin Gadkari has promised to build a link expressway
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