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आउटसाइडर्स को गरीबों के मसीहा सोनू सूद की सलाह, 'स्टील की नसें हैं, तो ही बॉलीवुड में आएं'

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नई दिल्ली। देश-दुनिया में फैले कोरोना वायरस महामारी के बीच भारत में जरूतमंद और गरीबों की मदद के लिए कई बॉलीवुड हस्तियों ने अपना योगदान दिया। लेकिन इनमें से अभिनेता सोनू सूद ने अपनी दरियादिली के चलते खूब सुर्खियां बटोरी हैं। कोरोना काल में गरीबों के मददगार और मसीहा बने सोनू सूद ने लॉकडाउन में कई गरीब और जरूतमंद प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजा। सोनू सूद का यह अभियान अभी जारी है लेकिन अब वह सिर्फ प्रवासी मजदूरों की ही नहीं जो भी उनके पास मदद की आस लिए आता है वह सबकी सहायता कर रहे हैं। इस बीच अब सोनू सूद भी बॉलीवुड में चल रही 'इनसाइडर-आउटसाइडर' की बहस में अपना पक्ष रहा है।

नेपोटिज्म पर बोले सोनू सूद

नेपोटिज्म पर बोले सोनू सूद

गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से बॉलीवुड में नेपोटिज्म और गुटबाजी को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कंगना रनौत समेत कई हस्तियों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपने विचार रखे हैं। अब इस मुद्दे पर गरीबों के मसीहा सोनू सूद ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा, स्टार किड्स को सबकुछ आसानी से मिल जाता है जबकि जो फिल्म इंडस्ट्री से नहीं है, उनको नहीं मिल पाता।

सुशांत सिंह केस पर दिया बड़ा बयान

सुशांत सिंह केस पर दिया बड़ा बयान

सोनू सूद ने एक इंटरव्यू में कहा, जब एक बाहर वाला (आउटसाइडर) फिल्लों में काम करने का सपना लिए शहर आता है और वह कुछ बड़ा करता है तो हमें बहुत गर्व महसूस होता है। वह शख्स हर न्यूकमर को उम्मीदें देता है। लेकिन जब ऐसा (सुशांत सिंह सुसाइड केस) होता है तो हम सभी का दिल टूट जाता है। सोनू सूद ने कहा, दबाव एक सच्चाई है और ऐसे हजारों लोग हैं जो रोजाना अपने घर से दूर मुंबई काम करने के लिए आते हैं, लेकिन उनमें से कुछ को ही बड़ा ब्रेक मिल पाता है।

आउटसाइडर हमेशा आउटसाइडर ही रहेगा

आउटसाइडर हमेशा आउटसाइडर ही रहेगा

सोनू सूद ने कहा, एक आउटसाइडर हमेशा आउटसाइडर ही रहेगा। जब मैं मुंबई आया था तो मेरे पास पहले से ही मेकैनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री थी, मुझे लगा लोग कुछ अलग करने के लिए मुझसे बात करेंगे, मुझे अप्रोच करेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे तो किसी ऑफिस में घुसने नहीं दिया जाता था। सोनू ने आगे कहा, मैंने शुरुआत के 6-7 महीने ये महसूस किया कि आगे आने वाली जर्नी बहुत कठिन होने वाली है। जिस एक्टर ने सलमान से लेकर जैकी चैन के साथ काम किया उसे आज भी आउटसाइडर्स कहा जाता है।

स्टार किड्स के लिए सबकुछ आसान

स्टार किड्स के लिए सबकुछ आसान

सोनू ने इंटरव्यू में आगे कहा, मैं फिल्मों में काम करने का सपना लिए मुंबई आने वाले युवाओं से केवल यही कह सकता हूं कि अगर आपके पास स्टील की नसें हैं, तो ही इंडस्ट्री में आएं क्योंकि यहां कोई चमत्कार नहीं होता। अगर कोई आउटसाइडर अच्छा दिखता है या अच्छा चेहरा है तो यह ना समझे कि कोई प्रोडक्शन हाउस आपको बुलाएगा और अपनी फिल्म में काम देगा। एक स्टार किड्स के लिए यह सबकुछ आसानी से हो जाता है।

किताब में सुनाएंगे अपनी कहानी

किताब में सुनाएंगे अपनी कहानी

बता दें कि सोनू सूद अपने लॉकडाउन के अनुभव को एक किताब का रूप देने वाले हैं जो जल्दी ही प्रकिशित होगी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पिछले तीन महीने से अधिक समय में मैंने जो देखा और महसूस किया उसने मेरे जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। सोनू सूद ने कहा, 'लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मदजूरों के साथ 16 से 18 घंटे रहना, उनके दर्द को बांटने का सौभाग्य मुझे मिला। जब मैं उनके घर जाने वाले वाहन को विदा करता था तो मेरा दिल खुशियों से भर जाता था।

बेटियों से खेत जुतवा रहे किसान को गिफ्ट करेंगे ट्रैक्टर

बेटियों से खेत जुतवा रहे किसान को गिफ्ट करेंगे ट्रैक्टर

सोनू ने रविवार को एक किसान की मदद को हाथ बढ़ाया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। एक किसान के पास बैल नहीं था, जिस वजह से वो अपनी दो बेटियों से हल चलवा रहा है। वहीं एक महिला पीछे-पीछे खाद या बीच डालते हुए चल रही है। दावा किया गया कि ये वीडियो आंध्र प्रदेश का है। जब वीडियो सोनू सूद ने देखा तो कहा, कल सुबह खेतों की जुताई करने के लिए उनके पास दो बैल होंगे। लड़कियों को पढ़ाई पर ध्यान लगाने दें। किसान हमारे देश का गौरव हैं। उन्हें बचाएं। बाद में सोनू का मन बदल गया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह परिवार बैल की एक जोड़ी के लायक नहीं बल्कि वे एक ट्रैक्टर के लायक है। इसलिए आपको एक ट्रैक्टर भेज रहा हूं। सोनू के इस कदम की जमकर तारीफ हो रही है।

किर्गिस्तान में फंसे छात्रों को लाए वापस

किर्गिस्तान में फंसे छात्रों को लाए वापस

किर्गिस्तान में फंसे 150 मेडिकल के छात्रों को चार्टर प्लेन से वापस लाकर सोनू एक बार फिर लोगों के हीरो बन गए हैं। किर्गिस्तान के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में पढ़ने वाले 1500 भारतीय छात्र वहां लॉकडाउन के कारण फंसे हुए थे। जिनको सोनू सूद ने चार्टर्ड प्लेन बुक करवाकर उनके घर पहुंचाया है। किर्गिस्तान में फंसे ये मेडिकल छात्र पूर्वांचल और बिहार समेत कई राज्यों के रहने वाले हैं। छात्रों ने सोनू सूद को थैंक्यू बोला और कहा ये बॉलीवुड के रियल हीरो हैं।

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English summary
Sonu Sood, the messiah of the poor says, If you have nerves of steel then outsiders come to Bollywood
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