'यह कैसी मोहब्बत है जो अपनी संसद का बायकॉट करता है?' राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमले किए हैं। उन्होंने मोहब्बत की दुकान वाले मुद्दे पर उन्हें एक-एक कर सुनाने की कोशिश की है। साथ ही नीतीश कुमार की कोशिशों पर भी तंज कसा है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले स्लोगन को ही ढाल बनाकर उनपर सीधा प्रहार किया है। भाजपा नेता ने भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके प्यार और नए संसद भवन के उनके बहिष्कार को लेकर उनपर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह किस तरह की मोहब्बत है?
स्मृति ईरानी ने राहुल से सवाल किया है कि 'सिखों का नरसंहार किस तरह की मोहब्बत है? यह किस तरह का प्यार है कि जिन्होंने कोयला और चारा लूटा, उनके साथ हाथ मिला लिया? यह किस तरह की मोहब्बत है जो सेंगोल का अपमान करता है? यह किस तरह की मोहब्बत है, जो अपनी ही संसद का बहिष्कार करता है? यह किस तरह की मोहब्बत है, जो तब नहीं बोलता, जब 'द केरल स्टोरी' आती है?'
'यह किस तरह की मोहब्बत है जो भारत को कोसने वाले से हाथ मिलता है'
उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशों में भारत को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह किस तरह की मोहब्बत है जो भारत को कोसने वाले से हाथ मिलता है और गले मिलता है? यह किस तरह की मोहब्बत है?'
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और सत्ता की भूख में देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों के इस्तेमाल करने का तय कर रखा है।
'हमारे लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल'
उनके मुताबिक 'कांग्रेस नेतृत्व हमारे लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस नेताओं की ऐसी गतिविधियों से अपने आप में इस बात का संकेत है कि वह सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है। (सत्ता की) भूख में ये अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट करने पर उतारू हो चुके हैं, गांधी परिवार के लोग इतने बेबस क्यों हैं?'
मुस्लिम-विरोधी पार्टी के आरोपों पर भी दिया जवाब
इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ईरानी ने मोदी सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियां भी गिनाईं। जब उनसे सवाल किया गया कि भारतीय जनता पार्टी पर मुस्लिम-विरोधी पार्टी होने के आरोप लगते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि मोदी सरकार की प्राथमिकता सबका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक वर्ग को वित्तीय आवंटन के लिए आश्वस्त रखा जाए, किसी भी समुदाय या किसी भी जरूरतमंद के लिए। उन्हें गांधी परिवार से पूछना चाहिए, जो खुद को मुस्लिम समुदाय का संरक्षक कहते हैं कि उनकी सरकार ने सिर्फ 12,000 करोड़ रुपए का खर्च दिखाया था और पिछले 9 वर्षों में मोदी सरकार ने 31,450 करोड़ रुपए का बजट दिया है। यह आंकड़े अपने आप में केंद्र की प्राथमिकता की सच्चाई बताते हैं।'
नीतीश कुमार की कोशिशों पर पुल ढहने वाला तंज
वहीं नीतीश कुमार की ओर से विपक्षी एकता की कोशिशों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा भी बिहार के पुल की तरह बह जाएगी। उन्होंने कहा, 'जो लोग एक-दूसरे को समर्थन की उम्मीद में देख रहे हैं वह अपने पैरों पर खड़े होने में भी नाकाम हैं; 1750 करोड़ रुपए का पूरा ढांचा (बिहार के भागलपुर में पुल ढह गया) पानी में चला गया। मुझे भरोसा है कि उनकी इच्छा भी 2024 में ऐसे ही बह जाएंगी। '
वहीं बालासोर ट्रेन हादसे की जांच सीबीआई से कराने को लेकर ममता बनर्जी की ओर से सवाल उठाए जाने पर उन्होंने जवाब दिया कि जिन्हें सच्चाई नहीं पता, उन्हें सीबीआई की जांच पर भी सवाल नहीं उठाना चाहिए।(इनपुट- एएनआई)












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