सिंघु बॉर्डर: निहंग समूह ने ली हत्या की जिम्मेदारी, कहा- पवित्र ग्रंथ का अनादर करने वालों का यही होगा हश्र
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। हरियाणा-दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर किसानों के विरोध स्थल के पास शनिवार सुबह एक शख्स की क्षत-विक्षत डेड बॉडी मिलने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कथित रूप से सिख पवित्र पुस्तक का अनादर करने के संदेह में में निहंग सिखों ने उसकी हत्या कर दी। मृत व्यक्ति को पुलिस बैरिकेड से बांधा गया था। उसकी कलाई काट दी गई थी, टखना और पैर भी तोड़ दिया गया था। इस मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक निहंग सिखों के निर्वैर खालसा-उड़ना दल समूह ने सिंघु सीमा पर एक दलित व्यक्ति हत्या की बात स्वीकार की है। वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 40 से अधिक किसान संघों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पूरी घटना से खुद को अलग कर लिया है। एसकेएम का कहना है कि निहंग समूह का उनसे या आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि सर्बलोह ग्रंथ की बेअदबी के कारण हत्या की गई।
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इस बीच मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है जिसमें उसकी मौत का कारण अधिक खून बहना बताया गया है। शनिवार को एक वीडियो जारी कर निर्वैर खालसा-उड़ना दल के बलविंदर सिंह ने घटना की जिम्मेदारी ली है। वीडियो में कहा गया कि जो कोई भी सिख पवित्र पुस्तक का अनादर करेगा, हम उनके साथ इस तरह से व्यवहार करेंगे। ऐसे मामले में हम पुलिस, प्रशासन के पास नहीं जाएंगे।
निहंग समूह का कहना है कि मृत व्यक्ति कुछ दिन पहले हमारे पास आया था। उसने हमारे शिविर में 'सेवा' की, हमारा विश्वास जीता। उसने प्रकाश प्रार्थना से पहले पवित्र ग्रंथ पर से कपड़ा हटा दिया और पोथी साहिब का अपमान किया। जब निहंगों ने उनका पीछा किया तो वह व्यक्ति भागकर एक निजी अस्पताल पहुंचा जहां, हमारे लोगों ने उसपर हमला कर दिया। निहंगों ने उसके पास से पवित्र ग्रंथ बरामद किया था।












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