लिंगायत समाज के बड़े धर्मगुरु थे 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामी, पीएम मोदी भी मानते थे अपना गुरु
बेंगलुरू। कर्नाटक के सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामी का 111 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी समेत कई बड़े नेताओं ने शोक जताया है। कर्नाटक की कुमारस्वामी सरकार ने प्रदेश में तीन दिनों का शोक घोषित किया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में एक दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है।

शिवकुमार स्वामी के निधन पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामी लिंगायत समाज के बड़े धर्मगुरु माने जाते थे। कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। सिद्धगंगा मठ राजधानी बेंगलुरू से 80 किलोमीटर दूर तुमकुरु में है। इस समय प्रदेश में सिद्धगंगा मठों की संख्या 400 है। जानकारी के मुताबिक ये मठ करीब 300 साल पुराना है। कर्नाटक के सभी 30 जिलों में इस मठ का जाल फैला हुआ है। जातीय समीकरण के लिहाज से इन मठों का अपना प्रभुत्व और दबदबा है जो राजनीतिक दलों को उनकी ओर आकर्षित करता है। तुमकुरु में मौजूद इस मठ को बीजेपी का समर्थक माना जाता है।

सोमवार सुबह 11.44 बजे शिवकुमार स्वामी ने ली आखिरी सांस
सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामी को भारत रत्न देने की मांग कई बार उठ चुकी है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदुरप्पा ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग की थी। वहीं कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामी को भारत रत्न देने की मांग कर चुके हैं। कुमारस्वामी ने हाल ही में शुक्रवार को भी कहा था कि केंद्र सरकार को तुमकुरु के सिद्धगंगा मठ के 111 साल के महंत शिवकुमार स्वामी को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए।

'भारत रत्न' देने की उठ चुकी है मांग
लिंगायत समुदाय के बड़े धर्मगुरु शिवकुमार स्वामी को कर्नाटक राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेता उन्हें अपना गुरु मानते हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान शिवकुमार स्वामी से मुलाकात की थी। वहीं राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत गांधी परिवार उनका बेहद सम्मान करता रहा है। राहुल गांधी भी शिवकुमार से मिल चुके हैं।












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