चारा घोटाले में दोषी करार लालू के बारे में पूर्व सीबीआई अधिकारी ने किए बड़े खुलासे
कोलकाता। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले का आज अहम फैसला आ गया है कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। इस मामले में सीबीआई के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर उपेंद्र बिश्वास जिन्होंने चारा घोटाले की जांच की ने लालू प्रसाद यादव को अच्छा एक्टर बताया है। लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए उपेंद्र बिश्वास ने कहा कि वह अच्छे एक्टर हैं और उनकी तरह कोई भी नौटंकी नहीं कर सकता है। चारा घोटाले की जांच के दौरान घटना को याद करते हुए बिश्वास ने कहा कि जब 1999-2000 में मैंने बिहार के मुख्य सचिव को फोन किया और कहा कि लालू प्रसाद यादव को यह मैसेज दीजिए की सीबीआई चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव से पूछताछ करना चाहती है। इसके महज पांच मिनट के बाद मेरे पास खुद लालू प्रसाद यादव का फोन आया और लालू बंगाली में बोलने लगे, वो बोले नोमस्कार बिस्वास दा, अमी लालू यादव बोलची, अरे आप नहीं जानते अपर कास्ट के लोग हमारे खिलाफ साजिश कर रहे हैं।

लालू बोले मीडिया जासूसी कर रही है
बिश्वास कहते हैं कि लालू के यह कहने के बाद मैंने कहा कि इसके बाद भी जांच एजेंसी उनसे इस मामले में पूछताछ करना चाहती है, क्योंकि हमारे पास इस तरह के सबूत हैं, जिसपर लालू तैयार हो गए और मुझसे कहा कि सीबीआई अधिकारी को 1 एनी मार्ग, मुख्यमंत्री आवास पर भेज दीजिए। इसके बाद लालू ने मुझे फिर से फोन किया और मीडिया की आलोचना करते हुए उन्होंने मुझसे कहा कि बिस्वास दा मीडिया जासूसों की वजह से घर में बहुत दिक्कत है, ऑफिस में सवाल कर लीजिए।

बार-बार बदली लालू ने जगह
लालू के अपील पर बिश्वास ने कहा कि मैं इस बात पर तैयार हो गया और सीबीआई अधिकारी को भेज दिया, जिसमे रंजीत सिन्हा भी शामिल थे, जोकि उस वक्त वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी थे। लेकिन लालू ने मुझे फिर फोन किया और कहा कि पूछताछ दिल्ली में कर लीजिए और इस मामले को गुप्त रखिए, इसपर भी मैं तैयार हो गया, लेकिन फिर लालू ने मुझे फोन किया और कहा कि वहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया होगी, इसलिए मुझसे कोलकाता में पूछताछ कर लीजिए, इसके बाद भी मैं इसपर तैयार हो गया, बावजूद इसके कि मैं झुंझला गया था।

धमकी के चलते बदला धर्म
बिश्वास कहते हैं कि मुझे याद है किसी ने लालू से कहा कि उन्हें दिक्कत होगी क्योंकि मैं बंगाली हूं। लेकिन मुझे नहीं पता यह बचकाना सुझाव उन्हे किसने दिया, लेकिन आखिरकार लालू पटना के बाहरी इलाके में वाल्मीक गेस्ट हाउस में पूछताछ के लिए तैयार हो गए। मैं यह जरूर कहुंगा कि लालू जबरदस्त एक्टर हैं और उनकी तरह कोई भी नौटंकी नहीं कर सकता है। चारा घोटाले की जांच में शुरू से ही मुझपर नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों व अपराधियों का काफी दबाव था, जिसके चलते मैंने बौद्ध धर्म अपना लिया था।

सीबीआई डायरेक्टर ने मुझे दी धमकी
जांच के दौरान की घटना को याद करते हुए बिश्वास ने कहा कि एख बार मुझे सीबीआई डायरेक्टर ने लंच के लिए नॉर्थ ब्लॉक में बुलाया और मैं वहां गया, लेकिन वहां मुझे धमकी दी गई, उन्होंने मुझसे कहा कि तुम अब फंसोगे, लोगो तुम्हारे पीछे पड़ गए हैं, मैं उसका नाम नहीं लेना चाहता हूं, लेकिन मैं तुमसे यह कहना चाहता हूं कि मैं कभी भी दबाव में नहीं झुका। आपको बता दें कि बिश्वास को इसलिए भी याद किया जाता है क्योंकि उन्होंने पटना में लालू को गिरफ्तार करने लिए सेना को बुलाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत
बिश्वास कहते हैं कि मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा था, मेरे खिलाफ षड़यंत्र किया गया था, दिल्ली में मेरे वरिष्ठ अधिकारी मेरा फोन नहीं उठा रहे थे, वह लालू की गिरफ्तारी की इजाजत नहीं दे रहे थे। जिसके बाद मैंने कानूनी सलाह ली, जिसने मुझे कहा कि मुझे लीगल बेंच में जाना चाहिए। सुझाव के बाद मैंने सेना की मदद की मांग की थी, लेकिन सेना ने इनकार कर दिया। अगले दिन जो वरिष्ठ अधिकारी मेरा फोन नहीं उठा रहे थे, उन्होंने मुझे कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया, इससे यह साफ था कि वह मुझे इस केस से दूर रखना चाहते थे, जिसके बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने मुझे राहत दी और कहा कि मैं ही इस मामले का जांच अधिकारी रहुंगा।

काफी चुनौतीपूर्ण था वह समय
लालू के खिलाफ जांच में आ रही मुश्किलों को याद करते हुए बिश्वास कहते हैं कि यह काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि काफी ताकतवर लोग इसमे लिप्त थे। मैं जिस वक्त चारा घोटाले की जांच कर रहा था उस वक्त सरकार एचडी देवेगौड़ा और आईके गुजरात की सरकार राजद के समर्थन के साथ चल रही थी। आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि मुझपर किस तरह का दबाव रहा होगा। ना सिर्फ लालू बल्कि देवेगौड़ा भी इसके चलते अपना पद गंवाना पड़ा था।
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