मैदान छोड़कर भाग गए हैं कमलनाथ, कोरोना भी इस सरकार को नहीं बचा सकता- शिवराज
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राज्यपाल के आदेश के मुताबिक, आज उनके अभिभाषण के बाद सीएम कमलनाथ को विधानसभा में बहुमत साबित करना था। लेकिन उनके अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही को कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण स्थगित कर दिया गया, जिसके बाद भाजपा ने 12 घंटे में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के नेतृत्व में सभी 106 विधायकों ने राजभवन जाकर राज्यपाल से भी मुलाकात की।
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राजभवन में शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन को 106 भाजपा विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा और जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग दोहराई। भाजपा की मांग पर राज्यपाल ने कहा कि विधायकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और सीएम कमलनाथ पर जमकर निशाना साधा।
शिवराज ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने राज्यपाल के आदेश का पालन नहीं किया। उनके पास बहुमत नहीं है इसलिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर वे 'रणछोड़दास' बन गए। भाजपा नेता ने दावा किया कि सदन में मौजूदा स्थिति के मुताबिक, कांग्रेस के पास केवल 92 विधायक बचे हैं और अब बहुमत भाजपा के पास है। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर शिवराज सिंंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस केवल टाइम काट रही है।
उन्होंने कहा कि अल्पमत की सरकार कैसे निर्णय ले सकती है, कैसे तबादले कर सकती है। अल्पमत की इस सरकार को कोरोना भी नहींं बचा सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि जल्द फ्लोर टेस्ट कराया जाए, जिसपर उन्होंने (राज्यपाल) आश्वस्त किया कि हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
इसके पहले, प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ से कहा था कि वे 16 मार्च यानी सोमवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें। बता दें कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद भाजपा दावा कर रही है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है जबकि कांग्रेस आरोप लगा रही है कि उनके विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है।












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