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सपा के साथ गठबंधन पर शिवपाल यादव का बदला रुख, शर्तों के साथ कही बड़ी बात

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नई दिल्ली। क्या समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बीच स्थितियां बदल रही हैं? ये सवाल शिवपाल यादव के हालिया रुख के बाद उठे हैं। दरअसल, प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। उन्होंने कहा कि 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि उनका समाजवादी पार्टी में लौटने का कोई इरादा नहीं है।

'गठबंधन के लिए बातचीत को तैयार, लेकिन सपा में नहीं जाएंगे'

'गठबंधन के लिए बातचीत को तैयार, लेकिन सपा में नहीं जाएंगे'

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मुखिया शिवपाल यादव ने कहा, "आगामी चुनाव में गठबंधन को लेकर बातचीत होगी लेकिन हम समाजवादी पार्टी में वापस नहीं जाएंगे। हम उन लोगों से बात करेंगे जो हमारे साथ सहयोगी बनना चाहते हैं। हम समाजवादी पार्टी के साथ भी सहयोगी हो सकते हैं।" शिवपाल यादव ने एक तरह से साफ कर दिया कि वो सपा से गठबंधन करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ गठबंधन को लेकर एक शर्त भी रखी है।

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गठबंधन को लेकर शिवपाल यादव ने रख दी ये खास शर्त

गठबंधन को लेकर शिवपाल यादव ने रख दी ये खास शर्त

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव अगर गठबंधन की पेशकश करेंगे तो उनकी पार्टी सपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। शिवपाल यादव का ये बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी में आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी दल रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में सपा क के साथ गठबंधन में उतरी मायावती की पार्टी बसपा भी इस उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी। ऐसे में विधानसभा चुनाव को लेकर सपा के रणनीतिकार भी अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाने में जुट गए हैं। इस बीच में शिवपाल यादव का गठबंधन को लेकर आया बयान बेहद अहम माना जा रहा है।

क्या मुलायम सिंह यादव की कोशिशों का है असर?

क्या मुलायम सिंह यादव की कोशिशों का है असर?

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में जिस तरह से समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, उसकी उम्मीद शायद ही पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को रही होगी। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ही समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने प्रसपा के नाम से अलग पार्टी बना ली थी। इसका सीधा असर चुनाव में नजर आया है। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव को एक साथ लाने की कई बार कोशिशें कीं। माना जा रहा कि मुलायम सिंह यादव की मेहनत का ही असर है जो शिवपाल यादव के रुख में बदलाव आया है।

शिवपाल के रुख पर क्या होगा अखिलेश का जवाब

शिवपाल के रुख पर क्या होगा अखिलेश का जवाब

हालांकि, शिवपाल यादव के गठबंधन को लेकर सकारात्मक रुख पर अभी तक सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ तौर से कुछ नहीं कहा है। लेकिन पार्टी से जुड़े नेताओं को उम्मीद है कि अगर चाचा-भतीजे (शिवपाल यादव और अखिलेश यादव) एक साथ आते हैं तो इसका असर पार्टी पर जरूर होगा। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, साथ ही आगामी चुनाव में इसका फायदा भी पार्टी को जरूर मिलेगा। बता दें कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें जीती हैं, हालांकि कई प्रमुख सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। इन सीटों में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव को हार सामना करना पड़ा था।

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English summary
Shivpal Yadav ready to ally with nephew Akhilesh Yadav but will not return to SP
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