शिवसेना ने कहा- बीजेपी को हराने के लिए चालाकी से लेना होगा काम, बंगाल का दिया उदाहरण
नई दिल्ली, 23 अगस्त: वैसे तो अभी लोकसभा चुनाव में करीब तीन साल का वक्त बचा है, लेकिन विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को टक्कर देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शिवसेना ने सोमवार को कहा कि अगर विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराना है, तो चालाकी से कदम उठाने होंगे। साथ ही पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में बीजेपी की हार का उदाहरण देते हुए इस बात पर जोर दिया कि मोदी और शाह की जोड़ी को चुनाव में हराया जा सकता है।

शिवसेना ने अपने मुख्यपत्र सामना में लिखा कि विपक्षी दलों को पहले लोगों का विश्वास जीतना होगा। इसके बाद उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में खुद को बीजेपी के बेहतर विकल्प के रूप में पेश करना चाहिए। ये मान लेना गलत होगा कि पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर बुलाई गई 19 विपक्षी पार्टियों की बैठक बीजेपी को चुनौती देने में सक्षम होगी। अभी बहुत से दल ऐसे हैं, जो पुराने जीर्ण-शीर्ण घरों जैसे हैं, इस वजह से उन्हें नया रूप देने की जरूरत है।
लेख में आगे कहा गया कि विपक्ष की एकता कमजोर बुनियाद पर नहीं होनी चाहिए। जब तक इन जीर्ण-शीर्ण घरों (पार्टियों) की मरम्मत नहीं हो जाती, उन्हें एक नया रूप नहीं दिया जा सकता है। शिवसेना ने 'निश्चित कार्य योजना' और 'लड़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति' का आह्वान किया। संपादकीय में बताया गया कि पीएम मोदी ने बंगाल में कई 19 रैलियां कीं, इसके बावजूद बीजेपी टीएमसी से हार गई। दो साल पहले महाराष्ट्र में भी उसी तरह की हार का सामना बीजेपी को करना पड़ा था। उस दौरान पीएम मोदी ने राजभवन की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी, लेकिन सरकार नहीं बना पाई। बीजेपी ने धोखे से एमपी और कर्नाटक में सरकार गिराई, ऐसे में सिर्फ यूपी और असम में उसकी वैध सरकार है।
संपादकीय में बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा पर भी निशाना साधा गया। जिसमें लिखा गया कि ये लोगों को फिर से 'सम्मोहित' करने का एक हथियार था। यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री विपक्षी दलों को गाली दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश मंत्री शुरू से बीजेपी के नहीं हैं, ऐसे में मूर्ख कार्यकर्ता यात्रा में फालतू भाग रहे हैं।












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