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वो जो कपड़े चाहे पहन सकती है, क्योकिं वो भारत जैसे स्वतंत्र देश में रहती है: चेतन भगत

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नयी दिल्ली। लड़कियां उत्तेजक कपड़े नहीं पहन सकतीं, सुस्त कपड़ों और जींस की वजह से लड़कियों के साथ रेप होता है। अच्छी भारतीय लड़कियां खुद को सम्य कपड़ों में ढ़क कर रखती है। महिलाओं के हाथ में मोबाईल उनके लिए खतरा है...महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले जितने ही तरह के सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। आखिर महिलाएं क्यों शिकार बन रही हैं? क्यों उनके पहनावे पर सवाल उठाया जा रहा हैं? क्या भारत जैसे स्वतंत्र देश में उन्हें अपनी मर्जी से कपड़े पहनने का अधिकार भी प्रापत् नहीं है? ये कुछ ऐसे सवाल जिसे लेकर जाने-माने उपन्यासकार चेतन भगत परेशान हैं।

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चेतन ने अपनी राज रखी है कि क्यों भारती महिलाओं को ही उनके खिलाफ होने वाले अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। क्यों लड़कियों के कपड़ों पर उंगली उठाई जाती है। ना केवल पुरुष, समाज बल्कि धार्मिक संगठनों के साथ-साथ खुद महिलाएं भी महिलाओं के पहनावे पर उंगलियां उठाते रहे हैं।

भारत स्वतंत्र है, लेकिन यहां अब भी लड़कियों के पहनावे से उन्हें परखा जाता है कि वो अच्छी लड़की है या फिर गंदी। ऐसे में सामज की मानसिकता को बदलना बड़ सबब बन गया है। चेतन ऐसा समाज बनाना चाहते है जो लड़कियों को उनके पहनावे से नहीं बल्कि उनकी काबिलियत से पहचाने।

लोगों लड़कियों से चुस्त जींसपर सवाल खड़ा करते है, लेकिन जब उनकी खुद की बेटी चुस्त जींस पहन ले तो उनका नजरिया बदल जाता है। लोग जब तक महिलाओं के प्रति अपना नजरिया नहीं बदलते उनके खिलाप होने वाले अपराध कम नहीं होत सकते हैं।

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English summary
Famous Novelist Chetan bhagat view on crime against women, He said that woman chooses to wear is her choice and that it's important for society to protect that choice.
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