शथि थरूर बोले, अगर मोदी सरकार को पेगासस जासूसी के बारे में नहीं पता, तब तो और गंभीर खतरा है
नई दिल्ली, 20 जुलाई। पेगासस प्रोजेक्ट के सामने आने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जिस तरह से ग्लोबल मीडिया के खोजी पत्रकारों की टीम ने दुनियाभर में 50 हजार लोगों के फोन टैपिंग की लिस्ट को जारी किया है उसके बाद से ही सरकार निशाने पर है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि भारत में पेगासस ने फोन के भीतर सेंधमारी की है। चूंकि यह पहले ही कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह इस स्पाइवेयर को सिर्फ सरकार को ही बेचती है तो साफ है कि सरकार ने ही इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया है। अगर भारत सरकार ने यह नहीं किया है तो किसी दूसरी सरकार ने यह किया है, ऐसे में यह मामला और भी गंभीर है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

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शशि थरूर ने कहा कि अगर यह हमारी सरकार ने किया है और वह यह करने के लिए अधिकृत है। ऐसे में सरकार को इस बात की सफाई देनी चाहिए, क्योंकि लोगों के फोन की टैपिंग तभी की जा सकती है जब यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से जुड़ा हो। लेकिन अगर इन वजहों से इतर लोगों का फोन टैप किया जाता है तो यह गैर कानूनी है, यह जरूरी है कि सरकार इस मामले में जांच में सहयोग करे। बता दें कि इजराइल की कंपनी एनएसओ इस तरह के स्पाइवेयर तैयार करती है जिससे कि लोगों के फोन को हैक किया जा सके और उसे टैप किया जा सके। इसी में से एक स्पाइवेयर का नाम पेगासस है जोकि आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है।
दुनियाभर के 17 ग्लोबल मीडिया हाउस की टीम ने इस रिपोर्ट को पेश किया है जिसमे भारत का द वायर भी शामिल है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 50 हजार लोगों के फोन अलग-अलग देशों में टैप किए गए है, जिसमे भारत भी शामिल है। भारत में 300 लोगों के फोन टैप किए गए, जिसमे पत्रकार, नेता, मंत्री, जज, एक्टिविस्ट समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुकी है और उसका कहना है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार और तथ्यों से दूर है।












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