हाथ से गई पार्टी तो छलका शरद पवार का दर्द, बोले- जिसने स्थापना की उससे ही पार्टी को छीन लिया
चुनाव आयोग ने जिस तरह से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी का असल अधिकार अजित पवार खेमे को दिया है, उसपर शरद पवार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए चुनाव आयोग को आड़े हाथ लिया है।
शरद पवार ने कहा कि चुनाव आयोग ने पार्टी को हमसे छीना, जिन लोगों ने इस पार्टी की स्थापना की, उनके हाथ से पार्टी को छीनकर किसी और को दे दिया गया। इस तरह की चीज पहले कभी नहीं हुई। चुनाव आयोग ने ना सिर्फ हमारा चुनाव चिन्ह छीना बल्कि हमारी पार्टी को किसी और को दे दिया।

बता दें कि चुनाव आयोग ने एनसीपी पार्टी की कमान अजित पवार को दे दी है। शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार के बीच पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई पिछले काफी समय से चल रही थी।
तकरीबन 6 महीने तक इस मामले पर दोनों के पार्टी के अधिकारी की लड़ाई चलती रही। छह महीने के दौरान 10 बार इस मामले की सुनवाई हुई। जिसके बाद चुनाव आयोग ने आखिरकार पार्टी की कमान अजित पवार को दे दी।
दरअसल अजित पवार के पक्ष में पार्टी के अधिक विधायकों का समर्थन था, जिसके चलते चुनाव आयोग ने शरद पवार के खिलाफ फैसला दिया।
हालांकि इस यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। शरद पवार के खेमे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। इस बीच शरद पवार ने कहा कि मुझे विश्वास है कि लोग चुनाव आयोग के फैसले का समर्थन नहीं करेंगे। यही वजह है कि हमने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
बता दें कि एनसीपी का गठन 1999 में हुआ था। शरद पवार ने पार्टी की स्थापना की थी। शरद पवार ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं कि जिसने पार्टी की स्थापना की उसके हाथ से पार्टी को छीनकर किसी और को दे दिया।












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