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प्रधानमंत्री मोदी के मोमबत्ती वाले संदेश पर शरद पवार की पार्टी और परिवार में मतभेद

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो रविवार को रात नौ बजे घरों और बालकनी में लोगों को लाइट बंद करके मोमबत्ती या दीया जलाने का संदेश दिया है, उसकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आलोचना की है। लेकिन, पार्टी के इस लाइन के खिलाफ उसके सुप्रीमो शरद पवार के परिवार के एक सदस्य और पार्टी के विधायक ही खड़े हो गए हैं। पवार के परपोते रोहित पवार ने कह दिया है कि पीएम मोदी ने प्रकाश के जरिए पूरे देश को एकजुट करना चाहते हैं और इसका सभी को स्वागत करना चाहिए। उन्होंने इस दौरान लोगों को अपने सोशल मीडिया के डीपी पर भी तिरंगा लगाने की अपील की है।

पीएम मोदी के संदेश पर पवार की पार्टी में मतभेद

पीएम मोदी के संदेश पर पवार की पार्टी में मतभेद

शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने इस बार कांग्रेस की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोमबत्ती और दीया जलाने वाले आह्वान की जमकर आलोचना की है। लेकिन, खुद शरद पवार के परिवार के एक अहम सदस्य ने ही पीएम मोदी के संदेश का जोरदार समर्थन कर दिया है। महाराष्ट्र में एनसीपी के विधायक और शरद पवार के परपोते रोहित पवार ने कहा है कि प्रधानमंत्री का मकसद रोशनी के जरिए कोरोना वायरस के खिलाफ देश को एकजुट करना है। रोहित पवार ने अपने ट्विटर पर लिखा है, 'रोशनी के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मसकद देश को एकजुट करना है और यदि ऐसा है तो हमें इस सोच का स्वागत करना चाहिए। इसी तरह मैं देश के एक नागरिक होने के नाते आपसे गुजारिश करता हूं के अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एकजुटता का संदेश देने के लिए डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) में अपने देश का झंडा लगाएं।' पवार के पोते महाराष्ट्र के कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पवार हुए थे ताली-थाली कार्यक्रम में शामिल

पवार हुए थे ताली-थाली कार्यक्रम में शामिल

बता दें कि इससे पहले एनसीपी ने पीएम मोदी के संदेश की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे नागरिकों को गहरा झटका लगा है। यहां तक कि महाराष्ट्र में पार्टी कोटे से मंत्री जितेंद्र आह्वाड ने पीएम मोदी की ओर से जनता को मोमबत्ती या दीया जलाने के संदेश को पूरी तरह से बकवास करार दिया है। पार्टी ने कहा कि वह उम्मीद कर रही थी कि प्रधानमंत्री कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को लेकर बात करेंगे, लेकिन उसकी जगह उन्होंने लोगों को दीया जलाने को कह दिया। हालांकि, खुद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने जनता कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को पीएम मोदी के आह्वान पर ताली-थाली कार्यक्रम में शामिल भी हुए थे और कोरोना वीरों का आभार भी जताया था। लेकिन, इस बार पार्टी ने अचानक से अपना स्टैंड बदल लिया है।

पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी का संदेश

बता दें कि शुक्रवार सुबह 9 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के लिए जारी एक वीडियो संदेश में कहा है कि "5 अप्रैल को रात 9 बजे घर के दरवाजे पर या बालकनी में खड़े रहकर और उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे, चारो तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का ऐहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं। ये उजागर होगा उस प्रकाश में,उस रोशनी में,उस उजाले में, हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं,कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी,एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प हैं । साथियों, मेरी एक और प्रार्थना है कि इस आयोजन के समय किसी को भी कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में, गलियों या मोहल्लों में नहीं जाना है, अपने घर के दरवाज़े, बालकनी से ही इसे करना है सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।"

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English summary
NCP has criticized PM Modi's message on candle lighting, but Sharad Pawar's great-grandson has supported it
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