आधार लिंक को लेकर SC ने बैंकों-मोबाइल सर्विस कंपनियों को फटकारा, कहा मैसेज में बताएं आखिरी डेट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को आधार से लिंक करने पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि अब इस मामले पर फैसला संविधान पीठ पर छोड़ा जा रहा है। इतना ही नहीं कोर्ट ने बैंकों को हिदायत दी और कहा कि वो मोबाइल कंपनियां ग्राहकों को मैसेज भेजकर तंग न करें। आपको बता दें कि इन दिनों कंपनियों की ओर से ग्राहकों को मैसेज भेजकर आगाह किया जा रहा है कि अगर उन्होंने आधार से लिंक नहीं किया तो उनका बैंक अकाउंट डीऐक्टिवेट हो जाएगा।

शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने की। बेंच ने कहा- बैंक और टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स अपने कस्टमर्स को मैसेज के जरिए लिंक कराने की आखिरी तारीख के बारे में बताएं। पीठ ने कहा, 'हम स्पष्ट करते हैं कि बैंक और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा अपने ग्राहकों को भेजे जा रहे संदेशों में यह बताना होगा कि बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को आधार से जोड़ने की अंतिम तिथि क्रमश: 31 दिसंबर, 2017 और छह फरवरी, 2018 है।'
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने बेंच से केंद्र के उस एफिडेविट पर गौर करने की अपील की जिसमें उसने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर लिंक कराने के लिए आखिरी तारीखी 31 मार्च 2018 की है। हालांकि, इस पर बेंच ने साफ कर दिया कि ये मामला और आधार से जुड़े बाकी मामले आधार की फाइनल हियरिंग में उठाए जाएं।












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