Lockdown: सैलरी देने में असमर्थ कंपनियों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन का ऐलान कर रखा है। ऐसे में सभी उद्योग धंधे बंद हैं। इस मुश्किल घड़ी में कई कंपनियां ऐसी भी हैं, जो अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रही हैं। जिसको लेकर कई जगहों पर हंगामा और मुकदमे दर्ज करने जैसी बातें सामने आईं थी। जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

मामले में सुनवाई के दौरान निजी कंपनियों ने कोर्ट को बताया कि लॉकडाउन की वजह से उनका काम बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में अब उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए फंड नहीं है। जिस पर जस्टिस नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में जब तक केंद्र सरकार जवाब दाखिल नहीं कर देती, तब तक कंपनियों पर मुकदमा ना दर्ज किया जाए और ना ही उन पर कोई कार्रवाई की जाए।
आपको बता दें कि देश में अब तक 82 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। जिस वजह से तीन चरण का लॉकडाउन अब तक लागू हो चुका है, जबकि 18 मई से चौथे चरण का लॉकडाउन शुरू होगा। इस दौरान केंद्र सरकार ने जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है। ऑरेंज और ग्रीन जोन में तो थोड़ी बहुत ढील दी जा रही है, जबकि रेड जोन में सख्ती बरकरार है। ऐसे में अभी भी ज्यादातर उद्योग और कंपनियां बंद पड़ी हैं। वहीं जो कंपनियां खुली भी हैं वहां भी उत्पादन या काम पहले जैसा नहीं हो पा रहा है। जिस वजह से निजी कंपनियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।












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