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गांधी 'वध' के केस में सावरकर निर्दोष बाहर आए थे - गडकरी

By Bbc Hindi

गडकरी
Getty Images
गडकरी

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान चल रहा है. बीजेपी कश्मीर और अनुच्छेद 370 को चुनावी मुद्दा बना रही है.

इसके साथ ही बीजेपी ने जारी किए गए अपने घोषणा पत्र में कहा है कि उसकी सरकार फिर से आई तो सावरकर को भारत रत्न दिया जाएगा.

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी के एक प्रभावशाली नेता हैं और उनका गृह प्रदेश भी यही है. नागपुर उनका कार्यक्षेत्र रहा है.

हालांकि चुनाव प्रचार अभियान के शुरुआत में वो बहुत दिखाई नहीं दिए, लेकिन अब अचानक उन्हें प्रचार में सक्रिय देखा जा रहा है.

बीबीसी मराठी सेवा के संपादक आशीष दीक्षित ने गडकरी का साक्षात्कार लिया और इन सब मुद्दों पर बात की.

देवेंद्र फड़नवीस और नितिन गडकरी
Getty Images
देवेंद्र फड़नवीस और नितिन गडकरी

प्रश्नः महाराष्ट्र में चुनाव हो रहे हैं. वहां पहले सूखा था फिर बाढ़ आई लेकिन वहां चर्चा हो रही है कश्मीर की, 370 की. विपक्ष ये बार बार पूछ रहा है कि कश्मीर कहां से आ गया महाराष्ट्र चुनाव में.

उत्तरः देखिए, कश्मीर एक राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है और कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस इस मुद्दे के विरोध में लगातार बातें की हैं. और जब महाराष्ट्र देश में ही है तो राष्ट्रीय प्रश्नों की चर्चा होना भी स्वाभाविक है.

प्रश्नः पर आर्थिक संकट है, बाढ़ है सूखा है, इसकी चर्चा कब होगी?

उत्तरीः बाढ़ और सूखा तो है नहीं अभी. सरकार के कारण बाढ़ और सूखा तो होता नहीं है. ये पानी कम ज्यादा होने के कारण होता है. ये प्रकृति का चक्र होता है. लेकिन सरकार ने राहत और बचाव को लेकर बहुत अच्छा काम किया है और इसबारे में कोई विवाद नहीं है.

प्रश्नः अगर 370 की चर्चा करें तो कश्मीर में वैसे ही हालात हैं जैसे पहले थे. अभी वहां जनजीवन पटरी पर नहीं आया है. तो आगे क्या सोच रही है?

उत्तरः मुझे ऐसा नहीं लगता है. अभी कश्मीर काफ़ी सामान्य हुआ है. आतंकवादियों के साथ होने वाली घटनाओं की संख्या काफ़ी कम हुई है. पाकिस्तान वहां लगातार ख़ुराफ़ात करता है, आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को भेजने के लिए मदद करता है. इसे काबू करने में भारत की सेना और पुलिस के लोग शहीद हुए हैं और कश्मीर की स्थिति सामान्य है यहां विकास भी होगा. मैं अपने विभाग की ओर से कश्मीर के लिए विशेष नीति भी बना रहा हूं.

कश्मीर
EPA
कश्मीर

प्रश्नः आप कह रहे हैं कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं. लेकिन श्रीनगर में हमारे जो रिपोर्टर हैं वो बता रहे हैं कि अभी भी कश्मीर सामान्य नहीं हुआ है, अभी भी बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, दुकानें नहीं खुल रही हैं. अभी वहां एक मज़दूर की हत्या भी हुई है, तो क्या आप कह सकते हैं कि हालात सामान्य हैं?

उत्तरः इक्का दुक्का छोटी मोटी घटनाएं होती होंगी. लेकिन सामान्य तौर पर बच्चे स्कूल जा रहे हैं, लड़के कॉलेज जा रह हैं. उनका जनजीवन सामान्य स्थिति में आ गया है और उद्योग व्यवस्था ठीक चल रही है. सेब की खरीद हुई है. सड़क का काम शुरू हुआ है और आने वाले दिनों में कश्मीर में जो 370 के कारण विकास की रफ़्तार धीमी हुई थी, वो गतिशील बनेगी. आईटी कंपनी, होटेल आएंगे, पर्यटन का व्यवसाय बढ़ेगा. और कश्मीर की अर्थव्यवस्था मज़बूत होकर नए रोज़गार का सृजन होगा.

प्रश्नः अगर ये सामान्य होने की निशानी है तो इसका ख़ाका क्या है, जो बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों को वहां रखा गया है उन्हें कबतक कम किया जाएगा?

उत्तरः धीरे धीरे उनकी संख्या भी कम होगी. देखिए, इसका सामाजिक आर्थिक पहलू भी बहुत महत्वपूर्ण है. कश्मीर में भुखमरी और ग़रीबी बहुत ज़्यादा है. और अभी तक जो भी पैसा भारत सरकार की तरफ़ से गया वो लोगों तक पहुंचा नहीं है. और इसलिए इसबार कश्मीर में शिक्षा की, स्वास्थ्य सेवाओं की, बेहतर बुनियादी ढांचे की और रोज़गार की, हैंडलूम, हैंडिक्राफ़्ट को विकसित कर उसका निर्यात बढ़ाने की ज़रूरत है.

गडकरी
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गडकरी

प्रश्नः महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार अभियान के अंतिम चरण में आप मैदान में आए. इसमें इतनी देरी क्यों हुई? क्या आपको साइड लाइन किया गया?

उत्तरः जिस दिन फ़ॉर्म भरे गए, उसी दिन एक बड़ी रैली हुई, देवेंद्र जी और मैंने जाकर फ़ॉर्म भरे. दूसरे दिन से मैं प्रचार में लगा हूं. विदर्भ में मैंने ज्यादा समय दिया, क्योंकि विदर्भ में मैंने अपने काम की शुरुआत की और जो सरकार बनी है वो विदर्भ के कारण बनी है. मुझे साइड लाइन न कोई कर सकता है और न किया है.

प्रश्नः सावरकर का एक बार फिर से नाम चर्चा में है क्योंकि बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि अगर सरकार में वो आएगी तो सावरकर को भारत रत्न देंगे. कांग्रेस का कहना है कि उनका नाम गंधी हत्या मामले से जुड़ा हुआ था.

उत्तरः न्यायालय ने जो फैसला दिया है, उसमें गांधी 'वध' के केस में सावरकर निर्दोष बाहर आए हैं. सावरकर एक प्रकार के देशभक्त हैं, उनका जीवन और उनके परिवार के लोगों ने पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया है. सावरकर जैसा त्याग बलिदान किसी ने नहीं किया. और इसलिए सावरकर जी का अपमान होगा. एक देशभक्त, एक क्रांतिकारी के अपमान का काम किसी को नहीं करना चाहिए. उनके विचारों के बारे में मतभेद हो सकते हैं. सावरकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं. और इसलिए महात्मा ज्योतिबा फुले और स्वातंत्र्यवीर सावरकर, इन दोनों को भारत रत्न देना चाहिए, ऐसा विषय आगे आया, और देवेंद्र जी ने कहा कि इसकी सिफ़ारिश हम भारत सरकार से करेंगे.

BBC Hindi
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English summary
Savarkar came out innocent in Gandhi 'slaughter' case - Gadkari
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