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J&K: इमरान को अमेरिका जाने के लिए विमान देने वाले सऊदी अरब ने किया भारत की कार्रवाई का समर्थन

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नई दिल्ली- जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान को भारत ने एकबार फिर से बड़ी कूटनीतिक मात दी है। सऊदी अरब ने कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के दृष्टिकोण और कार्रवाई को समझता है। सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब का ये नजरिया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल और वहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की रियाद में बुधवार को हुई करीब दो घंटे की बातचीत के बाद सामने आया है। गौरतलब है कि अमेरिका जाने से पहले पाकिस्तानी पीएम इमरान खान जब कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब को गुमराह करने के लिए रियाद पहुंचे थे, तब क्राउन प्रिंस ने उनसे सहानुभूति दिखाते हुए न्यूयॉर्क जाने के लिए उन्हें अपना निजी विमान तक दे दिया था। लेकिन, अब सऊदी अरब ने इस मसले पर अपना स्टैंड औपचारिक तौर पर साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान के बहकावे में नहीं आया और वह इस मामले में पूरी तरह से भारत के साथ है।

कश्मीर पर भारत को सऊदी अरब का समर्थन

कश्मीर पर भारत को सऊदी अरब का समर्थन

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अब सऊदी अरब ने औपचारिक तौर पर पाकिस्तान को झटका दे दिया है। उसने पहले भी जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने जाने पर सवाल नहीं उठाए थे। लेकिन, अब उसका ये बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के वहां के दौरे के बाद आया है, जिससे इसकी अहमियत बढ़ गई है। ठोस सूत्रों के मुताबिक भारत के एनएसए और सऊदी के क्राउन प्रिंस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। सूत्र के मुताबिक, "बातचीत में जम्मू और कश्मीर का मुद्दा भी उठा, जिसपर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने उसको लेकर भारत के दृष्टिकोण और कार्रवाई को समझने की बात कही।" जिस तरह से डोवाल ने अचानक सऊदी का दौरा किया उससे इस बात की झलक मिलती है कि भारत और उसके बीच शासन के उच्च स्तर पर किस तरह का तालमेल है। पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोवाल ने वहां की लीडरशिप के साथ काफी घनिष्ठ रिश्ता बनाया है। इसके चलते दोनों देश खुफिया और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी आपस में काफी सहयोग कर रहे हैं।

राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग पर जोर

राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग पर जोर

सूत्रों के मुताबिक सऊदी के क्राउन प्रिंस अपने देश की अर्थव्यवस्था को 2030 तक काफी आगे ले जाना चाहते हैं, इसलिए उनकी भारत के साथ कुछ खास क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर जोर है। इसी के सऊदी ने हाल ही में भारत में करीब 100 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। अपनी यात्रा के दौरान एनएसए ने सऊदी में अपने समकक्ष मुसैद अल अलबान से भी मुलाकात की है। वे वहां के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के परिषद के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वे नेशनल साइबर सेक्युरिटी अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं। सूत्र ने बताया कि, "दोनों ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत की। दोनों पक्षों ने नजदीकी सुरक्षा तालमेल के महत्त्व पर जोर दिया है।"

इमरान को अपने विमान से भेजा था न्यूयॉर्क

इमरान को अपने विमान से भेजा था न्यूयॉर्क

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर सऊदी अरब का समर्थन हासिल करने के लिए अमेरिका जाने से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी रियाद पहुंचे थे और मोहम्मद बिन सलमान के सामने अपना पक्ष रखा था। तब इमरान कॉमर्शियल फ्लाइट से रियाद गए थे और उन्हें वहां से यूएन जनरल असेंबली की बैठक में शामिल होने के लिए भी कॉमर्शियल प्लाइट से ही उन्हें न्यूयॉर्क जाना था। लेकिन, तब क्राउन प्रिंस ने उनसे निजी सहानुभूति दिखाते हुए अमेरिका जाने के लिए उन्हें अपना स्पेशल जेट दे दिया था। तब सऊदी अरब के बर्ताव को लेकर यह आशंका जताई जाने लगी थी कि कहीं मुस्लिम देश होने के नाते वह पाकिस्तान के झांसे में तो नहीं आ रहा है। हालांकि, जब इमरान सलमान के विमान से लौट रहे थे तो उसमें तकनीकी खराबी आ गई और उन्हें वापस न्यूयॉर्क लौटना पड़ गया। बाद में उन्हें फिर कॉमर्शियल फ्लाइट से ही इस्लामाबाद लौटना पड़ा था।

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English summary
Saudi Arabia has supported India's action in Jammu and Kashmir
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