आदिवासी कल्याण मंत्री बोलीं- बीआरएस सरकार की आलोचना के बजाय राहुल कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर ध्यान दें
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 के लिए सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस और कांग्रेस पार्टी जमकर प्रचार कर रही है। दोनों ही पार्टियां चुनाव प्रचार के दौरान एक दूसरे पर जमकर वार कर रही हैं। वहीं अब आदिवासी कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं को तेलंगाना की बीआरएस सरकार की आलोचना करने के बजायअपनी पार्टी की अंदरूनी कलह पर ध्यान केन्द्रित करने की सलाह दी है। राठौड़ ने कहा कांग्रेस जो अलग-अलग दिशाओं में जा रही है उस पर इन नेताओं को ध्यान देना चाहिए।

हनुमाकोंडा में मुख्य सचेतक डी विनय भास्कर के साथ की गई प्रेस वार्ता में राठौड़ ने कहा राहुल प्रियंका गांधी को किसी के द्वारा तैयार की गई स्क्रिप्ट को पढ़ने के बजाय यहां के स्थानीय लोगों के सामने आने वाले मुद्दों को समझने की जरूरत है।
मुलुगु की सार्वजनिक बैठक में उनके भाषण का जिक्र करते हुए बीआरएस मंत्री सत्यवती ने कहा कांग्रेस दावा कर सकती है कि वह वन अधिकार कानून लेकर आई ले लेकिन उनसे आदिवासियों के साथ कोई न्याय नहीं किया। चुनाव नजदीक आने के साथ, कई दशकों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस आखिरकार केंद्र में सत्ता हासिल करने पर मेदाराम सम्मक्का सरलम्मा जतारा (कार्निवल) को राष्ट्रीय दर्जा देने के लिए आगे आई है।
तेलंगाना की आदिवासी मंत्री ने दावा किया कि तेलंगाना में बीआरएस सरकार ने पहले ही पोडु अभ्यासकर्ताओं को 4.06 लाख एकड़ की सीमा तक भूमि स्वामित्व अधिकार दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुलुगु विधायक सीताक्का का परिवार भी पोडु लाभार्थियों में से एक है।
बीआरएस मंत्री राठौड़ ने कहा केसीआर ने मुलुगु और भूपालपल्ली को जिले का हेड आफिस बनाकर प्रशासन को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया। इसके साथ ही मंत्री सत्यवती ने सलाह दी कि बेहतर होगा कि राहुल अपनी पार्टी में अंदरूनी कलह पर ध्यान दें।












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