नेहरू की नजर में सांप्रदायिक थे पटेल: लाल कृष्ण आडवाणी

जिस पर सरदार पटेल का कहना था कि हैदराबाद में सेना भेज दी जानी चाहिए, जिससे कि वहां के निजामों द्वारा जनता पर होने वाले अत्याचारों को खत्म किया जा सके। जिसके बाद गुस्से से तमतमाये नेहरू ने पटेल को सांप्रदायिक तक कह डाला था और उनके सुझाव को खारिज कर दिया। जिसके बाद पटेल ने अपने कागज संभाले और मीटिंग से उठकर चले गये।
आडवाणी के ब्लॉग का लेख उस समय सामने आया है जब भाजपा खुद को पटेल की विचारधारा के करीब साबित करने की कोशिश कर रही है। गौर हो 31 अक्टूबर को गुजरात में पटेल की प्रतिमा के शिलान्यास के मौके पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आज देश को सरदार पटेल वाली 'धर्मनिरपेक्षता' की जरूरत है। मोदी ने सरदार की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने का शिलान्यस किया है और इसे 'स्टेच्यू आफ यूनिटी' नाम दिया गया है।
मोदी ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि इस पार्टी में सिर्फ गांधी-नेहरू परिवार के सदस्यों को महत्व दिया गया है, अन्य नेताओं की उपेक्षा की है।












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