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संत कबीर दास और रामचरित मानस इस सोरठे के जरिए पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया ये संदेश

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राष्‍ट्र को संबोधित किया। कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह 7वीं बार संबोधित किया। अपने संबोधन से चंद मिनट पहले देशवासियों को याद दिलाने के लिए मंगलवार को दोबारा पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि, आज शाम छह बजे राष्ट्र के नाम संदेश दूंगा। आप जरूर जुड़ें।

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    PM Modi Address Nation : पीएम मोदी के संबोधन की ये है बड़ी बातें | Coronavirus | वनइंडिया हिंदी

    प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए वैक्‍सीन में आने में देरी की बात बताई और संत कबीर दास का वर्णन करते हुए कहा कि जब तक पकी फसल घर ना आए तब तक काम पूरा नहीं मानना चाहिए। यानी जब तक सफलता पूर नहीं मिल जाए तकि लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

    कबीर दास का जिक्र करते हुए बोली ये बात

    पीएम मोदी ने ये कबीर दास का वर्णन करते हुए समझाया कि वैक्‍सीन जब तक नहीं आ जाती है हमें कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को रत्‍ती भर कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि वर्षों बाद हमारे सामने ऐसी स्थिति है जब हम देख रहे है कि मानवता को बचाने के लिए युद्ध स्‍तर पर काम हो रहा है। हमारे देश के वैज्ञानिक वैक्‍सीन बनाने में जुटे हुए हैं यहां कई स्‍तर पर वैक्‍सीन पर काम हो रहा है। इसलिए थोड़ा सब्र रखें और सावधानी बरतें।

    रामचरित मानस का ये सोरठा बोल कर समझाई ये बात

    इसके साथ ही उन्‍होंने रामचरित मानस में वर्णित सोरठा बोल कर समझाया कि कोरोना नाम के हमारे शत्रु को हमें छोटा समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने रामचरितमानस में रचित पंक्तियां रिपु, रुज, पावक पाप प्रभु अहि गनिअ न छोट करि। सुनाया। इसका मतलब है कि हमें कभी भी अपने शत्रु, रोग, अग्नि, पाप, स्वामी और सर्प को छोटा नहीं समझना चाहिए।

    राम‍चरित मानस में इस सोरठे का इस जगह किया गया है वर्णन

    बता दें इस सोरठे का वर्णन श्रीरामचरितमानस में उल्लेख है जिसमें शूर्पणखा अपना नाक व कान कट जाने के बाद अपने भाई रावण के पास जाती है| रावण क्रोध में आकर लक्ष्मण से बदला लेने की बात करता है, तब शूर्पणखा रावण को बताती है कि इन 6 चीजों जिनमें शत्रु, रोग, अग्नि, पाप, स्वामी और सर्प को कभी छोटो को कभी कमजोर या छोटा नहीं समझना चाहिए| शत्रु यानी दुश्मन भले ही कितना भी छोटा क्यों न हो, लेकिन उससे हमेशा सावधान रहना चाहिए। कई बार छोटे दुश्मन भी इतना बड़ा नुकसान कर देते हैं, जिसके कारण बाद में पछताना पड़ता है। यदि छोटे-छोटे राजा मिलकर किसी चक्रवर्ती राजा पर एक साथ हमला कर दें तो उसे भी हरा सकते हैं।

    सेवा परमो धर्म:

    इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया या फिर अब इससे कोई खतरा नहीं है।

    देश के नाम पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

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    English summary
    Sant Kabir Das Soratha, PM Modi gave this message to india Citizen through Ramcharit Manas
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