Sansad Ratna: संसद में सबसे ज्यादा एक्टिव कौन? जगदंबिका से निशिकांत तक, 12 MP को मिलेगा ‘संसद रत्न’ सम्मान
Sansad Ratna Awards: संसद में सिर्फ मौजूद रहना ही काफी नहीं होता, असली पहचान उस सांसद की बनती है जो बहस करे, सवाल पूछे और जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाए। इसी सक्रियता और संसदीय प्रदर्शन को सम्मान देने के लिए हर साल दिए जाने वाले 'संसद रत्न पुरस्कार' (Sansad Ratna Awards) के लिए इस बार 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है।
इस बार जिन नामों ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है, उनमें बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे और शिवसेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में कई ऐसे चेहरे भी हैं जो लंबे समय से राजनीति और शासन व्यवस्था का अहम हिस्सा रहे हैं।

किन सांसदों को मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार? (Sansad Ratna Award Winners List)
प्राइवेट संस्था 'प्राइम पॉइंट फाउंडेशन' (Prime Point Foundation) की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस साल संसद में शानदार प्रदर्शन करने वाले 12 सांसदों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
इस सूची में शामिल प्रमुख सांसद हैं:
- जगदंबिका पाल - उत्तर प्रदेश
- पी. पी. चौधरी - राजस्थान
- निशिकांत दुबे - झारखंड
- श्रीकांत एकनाथ शिंदे - महाराष्ट्र
- प्रवीण पटेल - उत्तर प्रदेश
- विद्युत बरन महतो - झारखंड
- लुम्बाराम चौधरी - राजस्थान
- हेमंत विष्णु सवरा - महाराष्ट्र
- स्मिता उदय वाघ - महाराष्ट्र
- नरेश गणपत म्हस्के - महाराष्ट्र
- मेधा विश्राम कुलकर्णी - महाराष्ट्र
- नरहरि अमीन - गुजरात
इन सांसदों को संसद में सवाल पूछने, बहस में भाग लेने और विधायी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के आधार पर चुना गया है।
चार संसदीय समितियां भी होंगी सम्मानित
इस बार सिर्फ सांसद ही नहीं, बल्कि चार संसदीय समितियों को भी उनके बेहतर कामकाज के लिए चुना गया है।
सम्मान पाने वाली समितियों में शामिल हैं:
- कृषि समिति - अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी
- वित्त समिति - अध्यक्ष भर्तृहरि महताब
- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति - अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलाका
- कोयला एवं खान समिति - अध्यक्ष अनुराग ठाकुर
इन समितियों को संसदीय रिपोर्ट, नीति सुझाव और विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा के लिए सराहा गया है।
इस लिस्ट में क्यों खास हैं कुछ नाम?
इस साल की सूची में कई ऐसे नेता शामिल हैं जो पहले बड़े संवैधानिक पदों पर रह चुके हैं। जगदंबिका पाल और चरणजीत सिंह चन्नी दोनों मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं गुजरात के नरहरि अमीन राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। यही वजह है कि इस बार का संसद रत्न सम्मान सिर्फ संसदीय सक्रियता नहीं, बल्कि अनुभवी नेताओं की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा में है।
निशिकांत दुबे का नाम भी खास तौर पर सुर्खियों में है क्योंकि वे संसद में तेजतर्रार भाषण और आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाते हैं। वहीं श्रीकांत एकनाथ शिंदे का चयन महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना की मौजूदगी को मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या होता है संसद रत्न पुरस्कार? (What Is Sansad Ratna Award)
आज के दौर में संसद की कार्यवाही अक्सर हंगामे और राजनीतिक टकराव की वजह से चर्चा में रहती है। ऐसे माहौल में संसद रत्न जैसे सम्मान उन सांसदों को अलग पहचान देते हैं जो शोर से ज्यादा काम पर भरोसा करते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के पुरस्कार सांसदों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं और जनता को भी यह समझने में मदद मिलती है कि उनका प्रतिनिधि संसद में कितना सक्रिय है। यही वजह है कि हर साल संसद रत्न पुरस्कार की सूची आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खास चर्चा होती है।














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