संदेशखाली विवाद: 'ऐसे हथकंडों से हमें डराने की कोशिश मत कीजिए', मिथुन चक्रवर्ती को TMC नेता का जवाब
Sandeshkhali Mithun Chakraborty: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में जारी अशांति को लेकर अभिनेता से नेता बने भाजपा के मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जमकर आलोचना की है।
भाजपा संदेशखाली में अशांति को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है। संदेशखली पर भाजपा नेता दर्शना जरदोश और मिथुन चक्रवर्ती की टिप्पणियों पर अब टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष जवाब दिया है।

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा की कही बातें "निराधार" थे। कुणाल घोष ने कहा, ''मैं आपको (पश्चिम बंगाल में) अनुच्छेद 356 लागू करने की चुनौती देता हूं। ऐसे हथकंडों से हमें डराने की कोशिश मत करो। ऐसे बयान दीजिए कि आप लोगों द्वारा चुनी गई सरकार को (अनुच्छेद 356 या राष्ट्रपति शासन के माध्यम से) उखाड़ फेंकेंगे।''
कुणाल घोष ने आगे कहा, 'अगर आपमें हिम्मत है तो ऐसा करो, इतना मत बोलो। संदेशखाली घटना पर मिथुन दा की टिप्पणी निराधार है।'
बता दें कि संदेशखाली विवाद पिछले 10 दिनों से बढ़ा हुआ है। संदेशखाली गांव की ज्यादातर महिलाओं ने टीएमसी के ताकतवर नेता शेख शाहजहां और उनके दो सहयोगियों सरदार और हाजरा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए थे। इन महिलाओं का आरोप है कि शेख शाहजहां और उनके सहयोगी महिलाओं का उत्पीड़न और यौन शोषण करते हैं।
यह आरोप लगाया गया है कि शेख शाहजहां और उनके दो आरोपी ग्रामीणों से सैकड़ों एकड़ खेत हड़प लिए और उन्हें मछली फार्मों में बदल दिया, उनके पोल्ट्री फार्मों में काम करने वाली महिलाओं को धमकी दी गई और भुगतान मांगने पर उनके पतियों की पिटाई की गई
महिलाओं सहित ग्रामीणों को देर रात में भी राजनीतिक बैठकों में भाग लेने के लिए मजबूर किया जाता था और अगर कोई मना करता था तो उसकी पिटाई की जाती थी। यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगे हैं।












Click it and Unblock the Notifications