दिल्ली दंगों की आरोपी सफूरा जरगर पर जामिया ने लगाया प्रतिबंध, यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश पर रोक
नई दिल्ली, 17 सितंबर। सफूरा जरगर का एमफिल में प्रवेश रद्द करने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन एक और बड़ा निर्णय लिया है। जिसके तहत शोध छात्र और कार्यकर्ता सफूरा जरगर के यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंधि कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर जारी आदेश में कहा गया है कि सफूरा जरगर 'दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडे के लिए विश्वविद्यालय के मंच का उपयोग करने का प्रयास कर रही हैं और संस्था के कार्य में बाधा डाल रही हैं।

Recommended Video
जामिया की रिसर्च स्कॉलर और एक्टिविस्ट सफूरा जरगर को लेकर इससे पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़े निर्णय लिए थे। शोध प्रबंध जमा नहीं करने के आधार पर सफूरा जरगर का एमफिल में प्रवेश रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद अब विश्वविद्यालय परिसर में सफूरा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
दिल्ली दंगों के आरोपी हैं सफूर जरगर
सफूरा जरगर को दिल्ली दंगों की आरोपी हैं। उनके खिलाफ अप्रैल 2020 में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की गई थी। उस वक्त वो गर्भवती थीं। मानवीय आधार पर जून 2020 में उन्हें जमानत दी गई थी।
जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन का आदेश
जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर लिए गए ताजा निर्णय में कहा गया है कि "यह देखा गया है कि सुश्री सफूरा जरगर कुछ छात्रों के साथ शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने के लिए अप्रासंगिक और आपत्तिजनक मुद्दों के खिलाफ परिसर में आंदोलन, विरोध और मार्च आयोजित करने में शामिल रही हैं, जो ज्यादातर बाहरी हैं। जरगर उनको उकसा रही हैं।
दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडे के लिए यूनिवर्सिटी के मंच का उपयोग: विवि
जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि जरगर विश्वविद्यालय के निर्दोष छात्र और कुछ अन्य छात्रों के साथ अपने दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडा चला रही हैं। इसके लिए वो विश्वविद्यालय के मंच का उपयोग करने की कोशिश कर रही हैं। इसके अतिरिक्त वो संस्था के सामान्य कामकाज में बाधा डाल रही है। पूरे देश में शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से पूर्व छात्रा सफूरा जरगर के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाता है।
छात्रों को नोटिस
29 अगस्त को एक छात्र के रूप में जरगर को हटाए जाने के बाद विश्विद्यालय में प्रदर्शन किया गया था। मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन ने कई छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने एक लिखित आदेश में कहा कि ज़रगर के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में कई छात्रों की भागीदारी 'जामिया के नियमों और विनियमों का घोर उल्लंघन है, और जामिया अधिकारियों द्वारा अलग से देखा जाता है'।
-
US Iran War: ईरान के हमलों के आगे बेबस Trump, हटाना पड़ा 100 साल पुराना कानून, अमेरिका में तेल-गैस की किल्लत? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
Parliament session: 'मोहब्बत हमसे, शादी मोदी से', राज्यसभा में बोले खड़गे, वायरल हुआ PM का रिएक्शन -
'वो मर्द शादीशुदा था, मैं उसके प्यार में पागल थी', फिर मिला ऐसा दर्द, 83 की उम्र में कुंवारी हैं ये एक्ट्रेस -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार गिर रहे सोने के भाव, अब 10 ग्राम की इतनी रह गई है कीमत, नए रेट -
UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट -
Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट? -
Iran US War: 'खुद भी डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे', ट्रंप पर भड़के बक्शी, कहा- Trump ने जनता से झूठ बोला -
PNG Connection: गैस संकट के बीच सबसे बड़ी गुड न्यूज! सिर्फ 24 घंटे में खत्म होगी किल्लत, सरकार ने उठाया ये कदम -
LPG Oil Crisis: हॉर्मुज में तैर रहे हैं 3.2 लाख टन गैस, भारत पहुंचा तो कितने सिलेंडर भरे जा सकते हैं












Click it and Unblock the Notifications