हिंदुओं के खिलाफ खड़े होने की किसी में हिम्मत नहीं है: मोहन भागवत
हैदराबाद, 10 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग 1000 सालों से हिंदुओं को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे थे आज वह दुनियाभर में खुद से ही लड़ रहे हैं। संत रामानुजाचार्य की जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने कहा कि हिंदू हित मतलब राष्ट्र हित। इसी तरह से हम मजबूत हो सकते हैं। हिंदू को बस यही करना है, सामर्थ्य हमारे पास ऐसा है कि हमारे सामने खड़े रहने की ताकत किसी के पास नहीं है। जिनका डर हमारे मन में कभी-कभी आ जाता है, उस डर के मारे हम भी कभी उल्टी-सीधी बातें कर लेते हैं। उन्होंने तो बहुत प्रयास किया, अगर समाप्त होना होता हमको तो पिछले 1000 सालों में हो जाते। ऐसा नहीं हुआ। जो हमको नष्ट करने पर तुले हुए थे उनके पैर खोखले हो रहे हैं, हम तो वैसे के वैसे ही हैं। आज भी पांच हजार साल पुराना सनातन धार्मिक जीवन जो भारत का विभिन्न पंत संप्रदायों से सुसज्जित और सुशोभित आज भी यहां वैसे का वैसा ही देखने को मिलता है।

मोहन भागवत ने कहा कि तमाम हमलों के बाद भी देश की आबादी 80 फीसदी हिंदू हैं और अधिकतर राजनीतिक दलों को हिंदू चला रहे है। मेरा हित, मेरे परिवार का हित, मेरी भाषा का हित,मेरी जाति का हित, मेरी पंथ का हित, मेरे प्रांत का हित हमेशा दूसरे नंबर पर है। पहला नंबर है हिंदू हित यानि राष्ट्र हित। कोई भी बात जो आपस में झगड़ा लगाने वाली है उसमे हम नहीं जाएंगे, कोई बात जो हमको अताताई बनाने वाली है उसमे हम नहीं जाएंगे, कोई बात जो हमको डरपोक बनाने वाली है उसमे भी हम नहीं जाएंगे। हम स्वाभिमान से जीएंगे और सृष्टि का पालन-पोषण करेंगे। इस प्रकार का जीवन जीने का हमारा संकल्प होना चाहिए।
हमारे पास किसी भी बात की कमी नहीं है। इस देश में लगभग हजार साल तक विधर्मियों के अत्याचार को झेलकर भी 80 फीसदी तो हम ही हैं। इस देश के शासन को चलाने वाले और राजनीतिक दलों को चलाने वाले, शासकीय कर्मचारी हिंदूं ही हैं। यह हमारा देश है, आज भी हमारे मंदिर खड़े हैं और मंदिर खड़े हो रहे हैं। हमारी परंपरा ने हमको जो सिखाया है वह शाश्वत है। हमारे देश में हजारों सालों से समता की बात बताई जा रही है। उनका यही उपदेश था। हमारे पास कमी किस बात की है, किसी भी बात की नहीं। हम अपने आप को भूल गए हैं बस यही है। लड़ना पड़ता है। समस्याओं की चर्चा होती है, कभी उपाय की भी चर्चा करो। बता दें कि मोहन भागवत ने श्री रामानुजाचार्य के जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस दौरान पीएम मोदी न 216 फीट की मूर्ति का भी अनावरण किया। इस मूर्ति को समानता की मूर्ति कहा जाता है।












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