कर्नाटक कांग्रेस में विद्रोह: कैबिनेट से हटाए गए पूर्व मंत्री ने दी पार्टी छोड़ने के संकेत, बीजेपी रख रही है नजर
बेंगलुरु। कर्नाटक मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व से नाराज चल रहे रमेश जरकिहोली ने सोमवार को संकेत किया कि वह विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे और अगले चार दिनों में अपनी योजना सार्वजनिक करेंगे। एक स्थानीय टीवी चैनल ने रविवार को रमेश की फोन पर हुई बातचीत सुनाया था, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह कांग्रेस विधायक के रूप में इस्तीफा दे देंगे। इससे इस बात को बल मिला है कि वह पाला बदलकर बीजेपी में जा सकते हैं।

राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी ने घटनाक्रम को हल्का करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भावुक प्रतिक्रिया आम है और वह नाराज नेताओं से बात कर उन्हें मना लेंगे। उनके पिता और जदएस के सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा ने सरकार पर खतरा होने से इन्कार किया और कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रभावी रूप से मुकाबला किया जाएगा। छह माह पुरानी कांग्रेस-जदएस संयुक्त सरकार के मंत्रिमंडल का शनिवार को विस्तार किया गया। इसमें राष्ट्रीय पार्टी से आठ सदस्यों को लिया गया।
कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता असंतुष्ट हैं। ऐसे नेताओं में बीसी पाटिल, बीके संगमेश और भीमा नाइक भी शामिल हैं। इन नेताओं ने अपने गुस्से का इजहार किया है। नए मंत्रियों को विभाग भी आवंटित नहीं किया गया है। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'उत्तरी कर्नाटक पर ध्यान देना जरूरी था, क्योंकि पहली कैबिनेट में वहां से काफी कम मंत्री थे।
आज उनके साथ हमने न्याय किया है, इस प्रक्रिया में तालमेल बिठाने की वजह से कुछ सीनियर छूटेंगे ही। हर कैबिनेट विस्तार या बदलाव का कुछ ना कुछ प्रभाव जरूर होता है, कुछ दिनों तक कुछ लोगों को भावनाएं उमड़ेंगी। लेकिन सब हल हो जाएगा, यह प्रक्रिया काफी सोच-समझकर की गई है।'












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