दिल्ली: आप के मंत्री बोले- आरक्षित वर्ग के लोग रिजर्वेशन लेने से करें इनकार

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार को रिजर्वेशन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब आरक्षित वर्ग के लोग कहें कि वो अब आरक्षण नहीं चाहते हैं। क्योंकि उनके खिलाफ इसका प्रयोग किया जा रहा है। लोग उनकी योग्यता और क्षमताओं पर सवाल उठा रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय कैंपस में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

'पायल तड़वी मामले में जताया दुख'

'पायल तड़वी मामले में जताया दुख'

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि ये बेहद दुख की बात है कि हर दो तीन महीने में एक या दो मुद्दे सामने आ जाते हैं और हम लोग इसके खिलाफ लड़ने के लिए, आंदोलन करने के लिए खड़े हो जाते हैं। हमारे पूरे समुदाय का ध्यान विकास पर होना चाहिए। ये मुद्दे हमें हमारे लक्ष्य से भटका देते हैं। ऐसा होने पर हम विकास के बारे में भूल जाते हैं और न्याय के लिए लड़ने को मजबूर हो जाते हैं। चाहे फिर रोहित वेमुला का मामला हो या डॉक्टर पायल तड़वी के सुसाइड करने का मामला। हमें यह समझने की जरूरत है कि इसके पीछे की साजिश क्या है।

'हम आरक्षण नहीं चाहते'

'हम आरक्षण नहीं चाहते'

राजेंद्र पाल गौतम ने आरक्षण पर बोलेते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम कुछ कहें। हमें अब यह भी कहना होगा कि हम आरक्षण नहीं चाहते हैं। आरक्षण की बात आने पर वे हम पर टिप्पणी करते हैं। हमारी क्षमता और योग्यता पर सवाल उठाते हैं। अब हमें यह कहने की जरूरत है कि हमें हर क्षेत्र में हिस्सेदारी और भागीदारी की जरूरत है, चाहे वह कृषि भूमि हो या हमारे अन्य प्राकृतिक संसाधन।

गौतम को हुआ विरोध

गौतम को हुआ विरोध

राजेंद्र पाल गौतम की इस टिप्पणी के बाद भीड़ में से कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। इन लोगों ने रिजर्वेशन पर हमला नहीं सहेंगे के नारे लगाए। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में गौतम ने कहा कि वह आरक्षण के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान केंद्रित करने की ज़रूरत महसूस की। उन्होंने कहा कि मैं आरक्षण के खिलाफ नहीं हूं। मैं वह हूं जहां आज मैं आरक्षण के कारण हूं, लेकिन अब फोकस बदलने की जरूरत है। इसका इस्तेमाल हमारे खिलाफ, हम पर हमला करने के लिए किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, नौकरियों में आरक्षण के बजाय, हमें वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए ताकि यह छोटे उद्योगों को स्थापित करने में हमारी मदद कर सके। यह मत भूलो कि आरक्षण हमारी मूल मांग नहीं थी। यह महात्मा गांधी के दबाव में दिया गया था क्योंकि अंबेडकर एक अलग निर्वाचक मंडल की मांग कर रहे थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+