Republic Day Parade Tickets: परेड टिकट को लेकर जनता में निराशा, ऑफलाइन में सोल्ड आउट, ऑनलाइन में एप खराब
Republic Day Parade Ticket: कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 (Republic Day Parade 2026) को देखने के लिए देशवासियों में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन टिकट बुकिंग की वर्तमान व्यवस्था ने जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं। दिल्ली के विभिन्न ऑफलाइन काउंटरों पर टिकटों की भारी किल्लत और 'आमंत्रण' पोर्टल की तकनीकी खामियों ने हजारों लोगों के सपनों पर पानी फेर दिया है।
आलम यह है कि कड़ाके की ठंड में सुबह 7 बजे से लाइन में लगने के बावजूद लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा पारदर्शिता की कमी और टिकटों के सीमित आवंटन को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि डिजिटल इंडिया के युग में भी एक टिकट पाना किसी बड़ी जंग जीतने जैसा चुनौतीपूर्ण हो गया है।

Republic Day 2026 Ticket: 12 बजते ही खिड़कियों पर 'नो टिकट' का बोर्ड!
रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली में सेना भवन, जंतर-मंतर और शास्त्री भवन जैसे प्रमुख स्थानों पर ऑफलाइन टिकट काउंटर बनाए हैं, लेकिन वहां की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है।
चंद मिनटों का खेल: जैसे ही सुबह 10 बजे काउंटर खुलते हैं, महज कुछ घंटों के भीतर ही टिकट खत्म हो जाता है। oneindia हिंदी के रिपोर्टर नवीन शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग 3 दिन अलग-अलाग काउंटर्स में जाकर टिकट खरीदने की कोशिश की पर असफल रहे। राजीव चौक मेट्रो ये कश्मीरी गेट मेट्रो पर भी 12 बजते ही टिकट खत्म हो गए थे।
इंतजार बेकार: जो लोग सुबह 7 बजे से कतार में डेरा डाले हुए थे, उनमें से केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही टिकट मिल पा रहे हैं।
दोपहर का सन्नाटा: दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक के स्लॉट में काउंटर तो खुलते हैं, लेकिन कर्मचारियों का एक ही जवाब होता है- 'टिकट नहीं है'। यह समय की बर्बादी आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है।
आर्मी-एयरफोर्स के परिवारों को भी नहीं मिला टिकट- हमने आर्मी और एयरफोर्स में तैनात ऑफिसर्स के परिवार से भी बात की और वहां से भी यही पता चला कि उन्हें भी टिकट नहीं मिल पाया है।
पारदर्शिता की कमी और 'अंदरूनी' पास का आरोप
टिकट केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े लोगों के बीच चर्चा और रोष का मुख्य कारण पारदर्शिता का अभाव है।
कोटा गुप्त: मंत्रालय ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रत्येक ऑफलाइन वेन्यू पर प्रतिदिन कितनी टिकटें बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।
वीआईपी कल्चर का साया: आम जनता का सीधा आरोप है कि मंत्रालय के कर्मचारियों और 'ऊंची पहुंच' वाले लोगों के लिए भारी मात्रा में पास और टिकटें पहले ही रिजर्व कर ली गई हैं। जिसके कारण आम नागरिकों के हिस्से में ना के बराबर टिकटें आ रही हैं।
'आमंत्रण' पोर्टल और ऐप एक डिजिटल महाभारत
डिजिटल बुकिंग के लिए बनाया गया 'आमंत्रण' पोर्टल और मोबाइल ऐप इस समय पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
वेबसाइट क्रैश: जैसे ही ऑनलाइन कोटा खुलता है, ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से वेबसाइट और ऐप दोनों काम करना बंद कर देते हैं।
लॉग-इन की समस्या: पोर्टल पर लॉग-इन करना और ओटीपी प्राप्त करना ही एक बड़ी चुनौती बन गया है। अधिकांश यूजर्स रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में ही फंस जाते हैं और पेमेंट पेज तक कभी पहुंच ही नहीं पाते।
टिकट बुकिंग की वर्तमान स्थिति
| मुख्य विवरण | जानकारी (Current Status) |
| टिकट की कीमतें | ₹20 (सामान्य) और ₹100 (आरक्षित) |
| ऑफलाइन समय | सुबह 10:00 - 1:00 और दोपहर 2:00 - 5:00 |
| टिकट उपलब्धता | बेहद कम और अनिश्चित |
| अंतिम तिथि | 14 जनवरी 2026 (या कोटा समाप्त होने तक) |
| मुख्य शिकायतें | पारदर्शिता का अभाव और तकनीकी विफलता |
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