भारतीय इंडस्ट्री पर हमें भरोसा है, अगले हफ्ते तक कोवैक्सीन को दी जा सकती है मंजूरी- WHO
नई दिल्ली, अक्टूबर 29। भारत में कोरोना महामारी के खिलाफ अभी तीन कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें कोवैक्सीन, कोविशील्ड और रूस में बनी स्पूतनिक वी का नाम शामिल है। स्पूतनिक और कोविशील्ड को WHO की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कोवैक्सीन को अभी भी विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी का इंतजार है। इस बीच गुरुवार को खबर आई कि WHO ने भारत बायोटेक के अधिकारियों को कुछ सवालों की लिस्ट सौंपी है, जिसके जवाब कंपनी को देने हैं और उसके बाद मंजूरी मिल सकती है, लेकिन दूसरी तरफ WHO से भी ये सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं कि आखिर संगठन की तरफ से कोवैक्सीन को मंजूरी देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? इन सवालों के जवाब डब्ल्यूएचओ की तरफ से दिए गए हैं।

'इंडियन इंडस्ट्री' पर भरोसा है- WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों की तरफ से ये जानकारी दी गई है कि भारत बायोटेक कंपनी नियमित रूप से जल्दी-जल्दी टेक्नीकल कमेटी को आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) का डेटा जमा कर रही है। ऐसे में संगठन ने उम्मीद जताई है कि अगले हफ्ते तक कोवैक्सीन को मंजूरी दी जा सकती है। WHO के अधिकारियों ने कहा है कि कोवैक्सीन को मंजूरी देने में हो रही देरी को लेकर ये नहीं कहा जा सकता कि हम भारत की वैक्सीन पर विश्वास नहीं करते, बल्कि भारत तो उच्च गुणवत्ता वाले टीको का निर्माण करता है, इसलिए हम 'इंडियन इंडस्ट्री' पर भरोसा करते हैं।
अप्रैल में मंजूरी के लिए WHO के सामने रखा गया था प्रस्ताव
आपको बता दें कि भारत बायोटेक ने वैक्सीन की आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) के लिए 19 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन के पास मंजूरी के आवेदन किया था। मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के टेक्निकल कमेटी एडवाइजर ग्रुप की बैठक हुई, जिसने कोवैक्सीन की आपात उपयोग सूचीबद्धता के लिए अंतिम जोखिम-लाभ आकलन करने को लेकर भारत बायोटेक से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा है। इसके जवाब में WHO के अधिकारी डॉ मरीयंगेला सिमाओ ने जिनेवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत बायोटेक नियमित रूप से और बहुत तेजी से आंकड़े सौंप रहा है और उन्होंने आंकड़ों का बैच पिछली बार 18 अक्टूबर को सौंपा था।












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