Gallantry Awards 2021: 'वीरता पुरस्कार' की शुरुआत कब हुई और क्या है 'परमवीर चक्र' और 'महावीर चक्र' सम्मान?
Read Everything about Gallantry Awards: you should know about all the chakras like Param Vir and maha vir: गणतंत्र दिवस' के खास मौके पर हर साल वीरता पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। इस बार भी इसका ऐलान कर दिया गया है। आपको बता दें कि भारत सरकार स्वतंत्रता के बाद से हर साल 'वीरता पुरस्कार' देती आ रही है। बता दें कि भारत सरकार ने 26 जनवरी, 1950 को प्रथम 3 वीरता पुरस्कार 'परमवीर चक्र', 'महावीर चक्र' और 'वीर चक्र' देने शुरू किए थे और उसके बाद 4 जनवरी 1952 से 'अशोक चक्र' क्लास I, 'अशोक चक्र' क्लास II, 'अशोक चक्र' क्लास III देने की शुरुआत हुई। इन वीरता पुरस्कारों का ऐलान साल में दो बार होता है, पहले 'गणतंत्र दिवस' के मौके पर यानी 26 जनवरी को और फिर 'स्वतंत्रता दिवस' यानी 15 अगस्त के मौके पर।

परमवीर चक्र
'परमवीर चक्र' भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य पुरस्कार है और यह पुरस्कार दुश्मनों की उपस्थिति में उच्चकोटि की शूरवीरता और बलिदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते है। परमवीर चक्र हासिल करने वाले शूरवीरों में सूबेदार मेजर वीर बन्ना सिंह जी ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो कारगिल युद्ध तक जीवित थे।
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महावीर चक्र
'महावीर चक्र' भारत का युद्ध के समय वीरता का पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता या प्रकट शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू को इस बार 'महावीर चक्र' से सम्मानित किया गया है।
कीर्ति चक्र
वरियता मे यह 'महावीर चक्र' के बाद आता है। इस सम्मान की स्थापना 4 जनवरी 1952 को हुई थी। 198 बहादुरों को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है। पुरस्कार सेना, वायुसेना और नौसेना के ऑफिसर्स और जवानें के अलावा, टेरिटोरियल आर्मी और आम नागरिकों को भी दिया जाता है।

वीर चक्र
'वीर चक्र' सम्मान सैनिकों को असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई थी।
अशोक चक्र
'अशोक चक्र' भारत का शांति के समय का सबसे सर्वोच्च वीरता पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।
शौर्य चक्र
'शौर्य चक्र' भारत का शांति के समय वीरता का पदक है। वरीयता में यह 'कीर्ति चक्र' के बाद आता है।यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को शांति काल के समय असाधारण वीरता या प्रकट शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह भी मरणोपरांत दिया जा सकता है।
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