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पुलवामा अटैक: RDX से नहीं हुआ था अटैक, ब्लास्ट के लिए केमिकल के साथ जुटाए गए छर्रे, लोहे की कील

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जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के 24 घंटों के बाद शुरुआती जांच में पता चला है कि इसमें आरडीएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया था। शुरुआती जांच से पता चला है कि सीआरपीएफ के काफिल पर आरडीएक्स के बजाय धमाका करने के लिए सामान्य केमिकल का इस्तेमाल किया गया था। सीआरपीएफ का करीब 70 गाड़ियों का काफिला जम्मू से होकर श्रीनगर जा रहा था, तभी गाड़ी लेकर आतंकी काफिले में घुस गया और धमाका हो गया। इस हमले में 40 जवानों शहीद हुए हैं।

पुलवामा हमला: CRPF पर RDX से नहीं हुआ था अटैक

सुरक्षा एजेंसी एनआईए ने शुक्रवार को घटना स्थल पर कुछ सबूत इकट्ठे किए हैं, जिसके बाद फोरेंसिक डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस हमले में केमिकल का इस्तेमाल किया गया था।

फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चल रहा है कि खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और धमाके के प्रभाव को बड़ा करने के लिए छर्रे, सीसा के गोले, तेज धार वाले लोहे की कील आदि के साथ मिलाए गए थे। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि कच्चा माल, जो स्थानीय बाजारों से आसानी से खरीदे जा सकते हैं। बिना सुरक्षा बलों को पता चले, अत्यधिक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण बनाने में उपयोग किए गए थे।

पुलवामा का रहने वाला आदिल अहमद डार नाम का जैश जिहादी कार सैकड़ों किलो बारूद लेकर सेना के काफिले में घुस गया और अपने आप को उड़ा दिया। रिपोर्ट्स की मानें तो धमाके के लिए लोकल डीलर द्वारा पंजाब और हरियाणा से ब्लास्ट की कच्ची सामग्री मंगवाई गई थी।

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English summary
RDX not used in Pulwama suicide attack on CRPF troopers, suggests preliminary probe
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