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राहुल गांधी की चिट्ठी पर रविशंकर प्रसाद का पलटवार, पूछा-यूपीए के दौरान महिला आरक्षण बिल क्यों पास नहीं हो पाया

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा था। इस पर अब रविशंकर ने पत्र लिखकर राहुल गांधी से जवाब मांगा है। रविशंकर ने पूछा कि, यूपीए के दौरान महिला आरक्षण बिल क्यों पास नहीं हो पाया था? यूपीए के शासनकाल में बिल क्यों लैप्स कर गया? बिल को ऐंटी ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला बिल के साथ पास किया जाना चाहिए।

ravi shankar Prasad

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि महिला आरक्षण बिल लाने की पहल सबसे पहले एनडीए के शासनकाल में हुई थी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 1998 और 1999 में इस बिल को दो बार पेश किया लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते यह बिल पास नहीं हो सका।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद में महिला आरक्षण बिल पास कराने की बात कही थी। उन्होंने इसके लिए बिना शर्त के समर्थन करने की बात कही थी। राहुल ने चिट्ठी में लिखा था कि महिला आरक्षण बिल को आगामी मॉनसून सत्र में ही पास कराया जाए। लोकसभा में उनका बहुमत है, ऐसे में वे 2014 के अपने चुनावी घोषणापत्र के वादे को पूरा करें।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा कि, आप अपनी रैलियों में महिला स‍शक्तिकरण की बात करते हैं। लेकिन यह बिल अभी तक पास नहीं हो सका है। राहुल ने लिखा कि महिला आरक्षण विधेयक राज्‍यसभा में 2010 में ही पास हो गया था और उस वक्‍त बिल के पास होने को वर्तमान सरकार में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने ऐतिहासिक बताया था। ऐसे में इसे इस बार पास करांए जो कि लोकसभा में पिछले आठ साल से लटका हुआ है।

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English summary
ravi shankar Prasad writes to Rahul Gandhi over reservation of seats for Women in Parliament and State Assemblies
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