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    आसाराम को लगता था कि उसके जैसे ब्रह्मज्ञानी के लिए बलात्कार पाप नहीं: गवाह ने खोला कोर्ट में राज

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      Asaram Case : Witness ने किया सनसनीखेज खुलासा, Asaram को नहीं है पछतावा | वनइंडिया हिंदी

      जोधपुर। आपने को संत-महात्मा कहने वाले आसाराम को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा मिली है। बीते बुधवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में लगी एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत ने इस मामले में सहअभियुक्त शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई जबकि अन्य दो प्रकाश और शिव को रिहा कर दिया। लेकिन आपको सुनकर हैरानी होगी कि मौत तक जेल में रहने की सजा पाने वाले आसाराम को दुष्कर्म और यौन शोषण कोई अपराध या पाप नहीं लगता था।

      अभियोजन पक्ष के गवाह राहुल के सच्चर का बड़ा खुलासा

      अभियोजन पक्ष के गवाह राहुल के सच्चर का बड़ा खुलासा

      आसाराम के बारे में ये चौंकाने वाला खुलासा किया था अभियोजन पक्ष के गवाह राहुल के सच्चर ने, जिसने अदालत को फैसले के दिन ये बात बताई थी। उसने कहा कि आसाराम मानता था कि उस जैसे ब्रह्मज्ञानी के लिए बलात्कार करना पाप नहीं है।

      साल 2003 में मैंने पहली बार आसाराम को लड़कियों के साथ सोते देखा

      साल 2003 में मैंने पहली बार आसाराम को लड़कियों के साथ सोते देखा

      राहुल आसाराम का करीबी था और उसे उसकी कुटिया तक जाने की इजाजत भी मिली हुई थी। उसने बताया कि आसाराम सेक्स पॉवर बढ़ाने के लिए दवाएं लेता था। राहुल ने कहा कि साल 2003 में मैंने पहली बार आसाराम को लड़कियों की इज्जत से खेलते हुए देखा था।

      आसाराम अपनी सहयोगियों के साथ लड़कियां चुनता था

      आसाराम अपनी सहयोगियों के साथ लड़कियां चुनता था

      उसने कहा था कि इस काम में उसकी तीन सेविकाएं मदद करती थीं। आसाराम ये कुकर्म राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के आश्रमों में करता था। आसाराम अपनी सहयोगियों के साथ पूरे आश्रम में घूमता था और लड़कियां चुनता था।

      राहुल ने कहा कि मैंने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई

      राहुल ने कहा कि मैंने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई

      राहुल ने कहा कि मैंने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और आसाराम को खत के जरिए पूछा कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं, मैंने अपना खत रसोइए के जरिए भिजवाया था लेकिन आसाराम ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं एक दिन उस कुटिया में घुस गया जहां वो ये गंदे काम करता था।

       'ब्रह्मज्ञानी' के लिए रेप अपराध नहीं और मैं बहुत बड़ा 'ब्रह्मज्ञानी'

      'ब्रह्मज्ञानी' के लिए रेप अपराध नहीं और मैं बहुत बड़ा 'ब्रह्मज्ञानी'

      मैंने उससे पूछा कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं, इस पर उसने मुझसे कहा कि मेरे जैसे ब्रह्मज्ञानी को ये सब करने से पाप नहीं लगता। मैंने दूसरा सवाल पूछा कि ब्रह्मज्ञानी में इस तरह की इच्छाएं कैसे पैदा हो गई? इस पर आसाराम ने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि मुझे कुटिया से बाहर फेंक दें। राहुल ने ये भी कहा कि बापू को अफीम पीने की आदत थी, बाबा के आश्रम में ऐसी बहुत सारी लड़कियां भी थीं, जिनका गर्भपात हो चुका था।

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      English summary
      Asaram believed that sexual exploitation of girls is not a sin for 'Brahmgyani' or a highly enlightened person, a prosecution witness had deposed to the court during the trial that ended yesterday in a life-long jail term to the self-styled godman.
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