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रेप केस में सजा मिलते ही निकली आसाराम की सारी अकड़, खाने लगा जेल की रोटी

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    जोधपुर। गॉडमैन, संत, महात्मा, देवदूत और अब कैदी नंबर 130, जिसे एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा मिली है, जी हां अब यही पहचान है आसाराम बापू की। बुधवार को जोधपुर की विशेष अदालत ने आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

    आसाराम की अब सारी अकड़ निकल गई

    आसाराम की अब सारी अकड़ निकल गई

    जोधपुर सेंट्रल जेल में लगी एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत ने बुधवार को इस मामले में सहअभियुक्त शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई जबकि अन्य दो प्रकाश और शिव को रिहा कर दिया। मौत तक जेल में रहने की सजा पाने के बाद आसाराम की अब सारी अकड़ निकल गई है।

     उदास और शांत है आसाराम

    उदास और शांत है आसाराम

    जेल प्रशासन की ओर से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक आसाराम उम्र कैद की सजा मिलने की वजह से काफी उदास और शांत है, वो जेल में किसी से बात नहीं कर रहा। सजा सुनाने के बाद उसका पहला दिन बिल्कुल एक आम कैदी की ही तरह गुजरा। हालांकि उसकी तबियत पूरी तरह ठीक है, बस थोड़ी सी घबराहट है।

    आसाराम खाने लगा जेल की रोटी

    आसाराम खाने लगा जेल की रोटी

    गुरुवार की सुबह 5 बजे वो उठा, जैसे कि वो आम तौर पर उठता है, उसने सुबह पूजा और योगा किया और उसके बाद उसने जेल की ओर से मिले नाश्ते चने और गुड़ का सेवन किया। इसके बाद वो सो गया, आम तौर पर वो दिन में सोता नहीं है लेकिन शायद वो पूरी रात नहीं सोया था इसलिए वो सो गया। इसके बाद उसने दिन में जेल की ओर से मिला खाना खाया, ऐसा पहली बार है जब उसने जेल की रोटी खाई, वरना उसके लिए अभी तक आश्रम से ही खाना आता था।

    लंच में रोटी, लौकी की सब्जी और मोठ की दाल

    लंच में रोटी, लौकी की सब्जी और मोठ की दाल

    उसे लंच में रोटी, लौकी की सब्जी और मोठ की दाल दी गई थी। शाम को 5 बजे जेल की चाय मिली, लेकिन आसाराम चाय नहीं पीता है। शाम को 7 बजे के बाद रात का खाना उसे दिया गया। इसमें भी रोटी, लौकी की सब्जी और मोठ की दाल थी, जिसे कि उसने शांति पूर्वक खा लिया।

    अभी कोई काम नहीं कर रहा है आसाराम

    अभी कोई काम नहीं कर रहा है आसाराम

    आसाराम को अदालत ने सश्रम कारावास की सजा दी है, लेकिन उसकी उम्र को देखते हुए अभी कोई काम उसको नहीं दिया गया है, उसे लाचार किस्म की श्रेणी में रखा गया है। उम्मीद है कि उसे बागवानी का काम मिले। अभी वो जेल के कपड़े भी नहीं पहन रहा क्योंकि जेल के कपड़े सफेद रंग के होते हैं, उसने कहा है कि वो सफेद ही कपड़े पहनता है इसलिए जेल के कपड़े की क्या जरूरत, फिलहाल जेल प्रशासन ने भी उसका माप अभी नहीं लिया है।

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    English summary
    A day after he was sentenced to life for raping a 16-year-old devotee, self-styled godman Asaram appeared crestfallen as he lost the status of a ‘special’ prisoner.

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