आशीर्वाद के नाम पर बलात्‍कार करने वाला ये जैन मुनि कभी बेचा करता था चाय

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नई दिल्‍ली। आशीर्वाद के नाम पर 19 साल की छात्रा से बलात्‍कार करने वाले कथित दिगम्बर जैन मुनि आचार्य शांति सागर का बचपन और जवानी मध्‍य प्रदेश के गुना जिले में गुजरा। वो यहां अपने ताऊजी के साथ रहे। अब जैन मुनि शांति सागर के एक दोस्‍त ने खुलासा किया है कि वो जैन मुनि बनने से पहले चाय बेचा करते थे। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर उन्‍होंने बताया कि जब शांति सागर के मां-बाप का निधन हो गया तो वो जीवन यापन के लिए कोटा आ गए। यहां के सर्किल चौराहे पर तीन साल तक चाय की दुकान चलाई।

बीकॉम की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए शांति सागर

बीकॉम की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए शांति सागर

जैन मुनि शांति सागर के मित्र ने बताया कि वह शासकीय स्नातकोत्तर कॉलेज में पढ़ाई करते थे। उन्‍होंने बीकॉम में एडमिशन लिया था। ज्यादातर समय दोस्तों के साथ गुजरता था, ऐसे में वह पढ़ाई में कमजोर ही रहे। 22 साल में भी वह ग्रेजुएशन नहीं सके थे। मंदसौर में दीक्षा लेने के बाद वह गिरिराज शर्मा से जैन मुनि शांतिसागर बन गए। उस समय तक वे अपनी बीकॉम की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए थे।

Jain Muni Shanti Sagar ने कबूला गुनाह कहा रेप नहीं रजामंदी से हुआ सबकुछ । वनइंडिया हिंदी
शांति सागर- एक काफी फैशनेबल शख्‍स

शांति सागर- एक काफी फैशनेबल शख्‍स

उनके एक दोस्त ने बताया कि पहले उनका नाम गिरराज शर्मा था। उनका परिवार कोटा में रहता था। पिता सज्जनलाल शर्मा वहीं पर हलवाई थे। दोस्त ने बताया कि गिरराज मौज-मस्ती में जीने वाला था। खूब क्रिकेट खेलता था। पढ़ाई में एवरेज था। उनके दोस्तों का ग्रुप शहर में उन दिनों के सबसे फैशनेबल युवाओं का था।

क्‍या है आरोप

क्‍या है आरोप

आरोप है कि भगवान महावीर के नानपुरा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में आशीर्वाद लेने गई 19 साल की छात्रा के साथ शांतिसागर महाराज ने रेप किया है। छात्रा की शिकायत पर 45 वर्षीय शांतिसागर महाराज के खिलाफ अठवा थाने में रेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप लगाने वाली लड़की वडोदरा में कॉलेज स्टूडेंट है। लड़की ने पुलिस कमिश्नर को लेटर लिखकर कहा था कि जैन मुनि ने 01 अक्टूबर को शहर के नानपुरा टीमलियावाड जैन धर्मशाला में उससे रेप किया। अपने फैमिली मेंबर्स के साथ वह धार्मिक प्रोग्राम के सिलसिले में वहां गई थी। जैन मुनि इस दौरान सूरत में चातुर्मास के लिए रह रहे थे।

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English summary
Jain Muni Shanti Sagar Maharaj, who was arrested on charges of misbehaving with a young woman in Surat, Gujarat, spent a long time in Guna district of Madhya Pradesh. When his parents died he ran a tea shop for three years.

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