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रामनाथ कोविंद की जीत में केजरीवाल के लिए इससे बढ़िया खबर क्या होगी?

By Dharmender Kumar
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने के बाद रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को पद की शपथ लेंगे। चुनाव में कोविंद को अनुमान से ज्यादा वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव में मिले समर्थन ने भाजपा के लिए 2019 की राह भी आसान कर दी है। कई दलों के नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की और रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान किया। इन सबके बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रपति चुनाव से एक बड़ी राहत मिली है।

केजरीवाल को बड़ी राहत

केजरीवाल को बड़ी राहत

दरअसल, आम आदमी पार्टी में राष्ट्रपति चुनाव से कुछ महीनों पहले ही फूट की खबरें सामने आने लगी थीं। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बीच गुटबाजी हावी होने से लग रहा था कि जल्द ही आम आदमी पार्टी बिखर सकती है। अरविंद केजरीवाल पर कपिल मिश्रा के लगाए गए आरोपों के बाद तो तय माना जा रहा था कि 'आप' का भविष्य अब संकट में है।

केवल दो विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

केवल दो विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के बाद अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली। आम आदमी पार्टी के केवल दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चुनाव से पहले सियासी गलियारों में चर्चा थी कि बड़ी संख्या में आप विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। यहां तक कि कांग्रेस के भी कई विधायकों ने रामनाथ कोविंद के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। आप के केवल दो विधायकों का पार्टी लाइन से हटना केजरीवाल के लिए राहत भरा रहा। इनमें भी एक विधायक कपिल मिश्रा हो सकते हैं, जबकि दूसरे संदीप कुमार। दोनों को ही पार्टी से निकाला जा चुका है।

रामनाथ कोविंद को मिले 6 वोट

रामनाथ कोविंद को मिले 6 वोट

दिल्ली विधानसभा में कुल 70 विधायक हैं। बवाना सीट खाली होने से दिल्ली से 69 विधायकों के वोट पड़ने थे। इनमें से सौरभ भारद्वाज और देवेंद्र सहरावत ने वोट नहीं डाला, यानी राष्ट्रपति चुनाव में दिल्ली से कुल 67 वोट पड़े। इन 67 वोटों में से 6 वोट रामनाथ कोविंद को मिले। दिल्ली में भाजपा के 4 विधायक हैं, यानी आप के दो विधायकों ने रामनाथ कोविंद को वोट दिया। बाकी 61 वोटों में से 55 मीरा कुमार को मिले, जबकि 6 वोट अमान्य घोषित किए गए।

पंजाब में नहीं टूटा कोई विधायक

पंजाब में नहीं टूटा कोई विधायक

अरविंद केजरीवाल के लिए दूसरी राहत की खबर पंजाब से आई। पंजाब में आप के 20 विधायक हैं और यहां से क्रॉस वोटिंग की कोई खबर नहीं मिली, केवल एसएस फुल्का ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। फुल्का का तर्क था कि वो 1984 के दंगा पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसलिए वो कांग्रेस के प्रत्याशी को वोट नहीं दे सकते। पंजाब और गोवा समेत एमसीडी चुनावों में मिली हार के बाद बुरे दौर से गुजरी आप के लिए ये दोनों खबरें राहत भरी रहीं।

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English summary
Ramnath Kovind victory in President Election give big relief to Arvind Kejriwal.
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