• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अयोध्‍या राम मंदिर के लिए रामेश्‍वरम से रथ यात्रा करते हुए पहुंची 613 किलोग्राम की घंटी, जानें क्या है खासियत

|

लखनऊ। अयोध्‍या में राम मंदिर की सजावट और भव्‍य बनाने के लिए देश के कोने- कोने से लोग योगदान दे रहे हैं। राम मंदिर में लगने वाला घंटा भी बहुत खास है। बुधवार को ये विशालकाय घंटा चेन्‍नई से रथ यात्रा करते हुए अयोध्‍या पहुंचा जहां इसे देखने वालों की भीड़ लग गई। तमिलनाडु में स्थित हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ रामेश्‍वरम से ये 613 किलो का घंटा लाया गया है।

rammandir

बता दें श्री राम लिखे इस विशाल घंटे को चेन्नई के कानूनी अधिकार परिषद के महासचिव राजलक्ष्मी मंडा द्वारा मंदिर ट्रस्ट सदस्यों को सौंपी गई। रामेश्वरम से अयोध्या ये घंटा राम रथ यात्रा करके पहुंचाया गया। पिछले महीने तमिलनाडु के पवित्र शहर रामेश्वरम से शुरू हुई राम रथ यात्रा का बुधवार को अयोध्या के मंदिर शहर में समापन हो गया।

घंटी की गूंज के साथ ओम की आवाज 8-10 किमी दूर तक सुनाई देगी

घंटी की गूंज के साथ ओम की आवाज 8-10 किमी दूर तक सुनाई देगी

Ram जय श्री राम 'के मंत्रों के बीच, चेन्नई स्थित कानूनी अधिकार परिषद के महासचिव राजलक्ष्मी मंडा द्वारा मंदिर ट्रस्ट सदस्यों को विशाल घंटी सौंपी गई। राम मंदिर के लिए विशेषज्ञों द्वारा घंटी को कस्टम बनाया गया था। मंदा ने दावा किया कि घंटी की गूंज के साथ ओम की आवाज के साथ 8-10 किमी की परिधि में सुनी जाएगी। इसकी ऊंचाई 4.13 फीट और चौड़ाई 3.9 फीट है। महासचिव राजलक्ष्मी मंडा "जय श्री राम" के साथ कांस्य की घंटी बजाकर भगवान राम, देवी सीता, लक्ष्मण, भगवान हनुमान, और भगवान गणेश की मूर्तियों को भव्य राम मंदिर में स्थापित किया।

    Ram Temple के लिए TamilNadu से पहुंचा 600 किलो का घंटा, जानिए क्या है इसकी खासियत | वनइंडिया हिंदी
     11 दिनों में 11 राज्यों से गुजरते हुए 4,555 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राम रथ अयोध्‍या पहुंची

    11 दिनों में 11 राज्यों से गुजरते हुए 4,555 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राम रथ अयोध्‍या पहुंची

    महासचिव राजलक्ष्मी मंडा ने बताया कि ये राम रथ यात्रा 17 सितंबर को रामेश्वरम से यात्रा शुरू की थी। उन्होंने 11 दिनों में 11 राज्यों से गुजरते हुए 4,555 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राम रथ अयोध्‍या पहुंची । उन्‍होंने बताया कि यह उनका सौभाग्‍य है कि उन्‍हें राम रथ के सारथी की भूमिका निभाने का मौका मिला और उसने स्वयं रामेश्वरम से राम जन्मभूमि की ओर प्रस्थान किया।"यात्रा शुरू होने से पहले, रामेश्वरम में रामनाथ मंदिर के सामने विशेष पूजा भी गई थी। उन्‍होंने बताया कि हमने इस घंटी को राम मंदिर को दान कर दिया है। राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत को चिह्नित करना हमारा विशेष संकेत है क्योंकि यह दुनिया भर में हिंदू भक्तों का पुराना सपना था और जो अब आकार ले रहा है।

    राम रथ से घंटी उतारने के लिए विशाल क्रेन का इस्तेमाल किया गया

    राम रथ से घंटी उतारने के लिए विशाल क्रेन का इस्तेमाल किया गया

    मंडा ने कहा "राम दरबार की पांच मूर्तियाँ जो हम घंटी के वजन के साथ 210 किलो लेकर आए हैं। राम रथ से घंटी उतारने के लिए विशाल क्रेन का इस्तेमाल किया गया और अयोध्या में मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों को सौंप दिया गया। कुल 18 व्यक्तियों ने रामेश्वरम से रामजन्मभूमि तक ये राम रथ यात्रा निकाली थी। उन्‍होंने कहा कि विशेष रूप से, रामेश्वरम शहर का हिंदू पौराणिक कथाओं में एक विशेष महत्व है। यह वह जगह है जहाँ भगवान राम और उनकी वानर सेना ने रावण द्वारा शासित श्रीलंका पर हमला करने के लिए भारतीय उपमहाद्वीप को जोड़ने के लिए समुद्र पर पुल का निर्माण शुरू किया था। रामेश्वरम वह स्थान था जहाँ भगवान राम ने भगवान शिव की प्रार्थना, पूजा की थी।

    रिया चक्रवर्ती हुईं रिहा तो हुमा कुरैशी बोलीं- शर्म करो, एक लड़की की जिंदगी खराब कर दी,अब माफी मांगो

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Rameswaram to Ayodhya: Ram Rath Yatra, carrying 613 Kg bell, Know what is specialty
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X